हिमाचल: इस दिन से लागू हो सकती है आचार संहिता, तैयारियां पूरी
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हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों की घोषणा अक्तूबर के पहले हफ्ते में हो सकती है। बिलासपुर में एम्स के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा और पहले हफ्ते में ही चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के सभी सदस्यों के गुजरात दौरे की बात सामने आने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं।
आयोग के सूत्रों की मानें तो दिल्ली से आए अधिकारी भी सभी जिलों के डीसी व एसपी पर तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए दबाव बनाए हुए हैं।
ऐसा इसलिए है क्योंकि जब तक बूथ स्तर पर मूलभूत सुविधाओं व ढांचे की रिपोर्ट नहीं आएगी तब तक चुनावों की घोषणा नहीं की जा सकती। हालांकि प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारी लगभग तैयारियां पूरी कर चुके हैं।
3 अक्तूबर को हुई थी पिछले चुनाव की घोषणा
हिमाचल में साल 2012 में विधानसभा चुनावों की घोषणा 3 अक्तूबर को हुई थी। इसके बाद 10 अक्तूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी हुई। माना जा रहा पिछले चुनावों की घोषणा से कुछ दिन के अंतर में इस बार के चुनावों की घोषणा हो सकती है।
नोडल अधिकारियों व राजनेताओं से मिले मुख्य निर्वाचन आयुक्त
शिमला पहुंचे भारत निर्वाचन आयोग के आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों की बैठक ली। चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों ने अब तक की तैयारियों से अवगत करवाया।
इसके अलावा सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। बैठक में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत
के अलावा निर्वाचन आयुक्त ओम प्रकाश रावत तथा सुनील अरोड़ा, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त उमेश सिन्हा, उप निर्वाचन आयुक्त संदीप सक्सेना, महानिदेशक दिलीप शर्मा तथा धीरेन्द्र ओझा, भारत निर्वाचन आयोग के सचिव राहुल शर्मा तथा सलाहकार विपिन कटारा भी उपस्थित थे।
बूथ स्तरीय योजना तैयार करें जिला निर्वाचन अधिकारी
भारत के उपनिर्वाचन आयुक्त संदीप सक्सेना ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (उपायुक्तों) के साथ एक बैठक की। बैठक में हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्वक संपन्न करवाने के लिए एक व्यापक बूथ स्तरीय योजना बनाने के निर्देश दिए गए। अब सोमवार को भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सभी डीसी एसपी के साथ बैठक कर तैयारियों पर चर्चा करेंगे।
इससे पहले उन्होंने उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलावार प्रस्तुतियों के माध्यम से चुनावों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सभी मतदाताओं को वोटर वेरीफाइबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के बारे जानकारी देने तथा उन्हें मतदान के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
चुनावी तैयारियों से जुड़ी कई अन्य हिदायतें देने के साथ उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्रों में तैनात पुलिस कर्मियों तथा सामान्य स्टाफ के लिए पोस्टल मतदान की सुविधा भी की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से अंतर राज्य व अंतर जिला सीमाओं पर कानून
व्यवस्था बनाने के लिए उचित योजना तैयार करने को भी कहा। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर गश्त लगाने के लिए सभी मोबाइल वैनों में जीपीएस लगाने को कहा। बैठक में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने प्रदेश में चुनावों की तैयारियों बारे जानकारी दी।