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वीरभद्र को मिशन रिपीट, धूमल को 50 प्लस का यकीन, पढ़िए क्या कहा

Sat, 11 Nov 2017 02:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 11 Nov 2017 02:30 PM IST
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himachal assembly election 2017 virbhadra singh and prem kumar dhumal interview

हिमाचल में रिकार्ड मतदान के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मिशन रिपीट का दम भर रहे हैं। तो दूसरी तरफ  भाजपा के मुख्यमंत्री प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल भारी मतदान को बदलाव का संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा को 50 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। मतदान के बाद आई रिपोर्टों से वीरभद्र मान रहे हैं कि कुछ सीटों पर टिकट आवंटन में गड़बड़ी नुकसान पहुंचा रही है।

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प्रचार के मोर्चे पर अकेले डटे रहे वीरभद्र सिंह के चेहरे पर कोई थकान नहीं है, लेकिन भाजपा के प्रचार में भाषाई गिरावट का उन्हें दुख है। दूसरी तरफ, धूमल रिकार्ड मतदान से उत्साहित हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस को हर फ्रंट पर भाजपा ने मात दी है। बगावत से पार्टी को किसी तरह के नुकसान की आशंका को भी वह खारिज कर रहे हैं। मतदान के बाद दोनों दलों के प्रमुख नेताओं से अमर उजाला के विशेष संवाददाता अरुणेश पठानिया ने बातचीत की।
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सवाल- रिकार्ड मतदान के बाद आपका क्या आकलन है? किसकी सरकार बनेगी ?
वीरभद्र- मतदान में वृद्धि और मिल रही सूचनाओं के बाद मैं आश्वस्त हूं कि कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बना रही है। पार्टी के तमाम प्रत्याशियों से बातचीत कर रहा हूं। सभी जगह से फीडबैक लेने के बाद आपको बता रहा हूं कि कांग्रेस मिशन रिपीट कर रही है। हालांकि कुछ सीटों पर पार्टी ने गलत टिकट दिये। शिमला, ठियोग, नालागढ़ जैसी चार- पांच सीटों में गड़बड़ी हई। यहां पार्टी के बागी उतरे हैं, जिससे पार्टी प्रत्याशी हार रहेे हैं। गड़बड़ी के बाद हमारी सरकार बन रही है।
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सवाल- जब कमान आपके हाथ थी, फिर दूसरों का दखल कैसे हुआ?
वीरभद्र- मुझे कांग्रेस पार्टी ने चुनाव की कमान सौंपी, लेकिन टिकट आवंटन में मेरी चलती तो कइयों को टिकट नहीं मिलता। मैं भाई भतीजावाद पर विश्वास नहीं करता। मेरा सिर्फ जीतने वाले प्रत्याशी पर फोकस था। ठियोग में क्या हुआ ? विद्या जी ने लड़ने से इंकार किया तो हमने खाची का नाम बताया, लेकिन दिल्ली से राठौर तय हो गया। मैं राठौर के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन वो एकदम नया चेहरा है। जब तक विद्या जी को दोबारा प्रत्याशी बनाने पर बात बनी, तो टाइम निकल गया। कुछ नेताओं ने अपनों को साधने के लिए प्रत्याशी तय करने में गड़बड़ की, जिससे लोग निर्दलीय भी खड़े हो गए।

सवाल- आपके करीबी ही बागी थे, फिर उनको मनाया क्यों नहीं ?
वीरभद्र- टिकट नहीं मिलने से नाराज हुए लोगों को मनाने के लिए मैने हरसंभव प्रयास किया। मेरी उनसे बातचीत हुई, लेकिन वे नहीं माने। शिमला में हरीश जनारथा मजबूत प्रत्याशी था, लेकिन आनंद शर्मा ने भज्ज्जी को टिकट दिलवाया। मेरा सिर्फ इतना कहना है कि पार्टी हित में सोचना चाहिए कि कौन प्रत्याशी जीत रहा है। भज्जी ने तो प्रचार में मेरा चेहरा तो दूर राहुल गांधी को भी होर्डिंग बैनरों में इस्तेमाल नहीं किया। बस आनंद शर्मा की फोटो लगा ली। इससे क्या साबित करना चाहते हैं।

सवाल- पहले हुए चुनावों की तुलना में इस बार के चुनाव कितने अलग रहे?
वीरभद्र- हिमाचल में पढ़ा लिखा मतदाता है। मतदान प्रतिशत प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है। पार्टी और मेरे शुभचिंतक भी बड़ी संख्या में वोट देने आए। यह मेरा आखिरी चुनाव है, लेकिन पहली बार मैंने प्रचार में विपक्ष का निम्न स्तर देखा। गृहमंत्री राजनाथ को छोड़कर हर भाजपा नेता ने असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया। पीएम मोदी ने जिस तरह की भाषा इस्तेमाल की वे पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। भाजपा सफेद झूठ बोलती रही। दूसरी तरफ कांग्रेस में मैं अकेला मोर्चे पर डटा रहा। हमारे सारे मंत्री विधायक अपने हलकों में ही रहे।

सवाल- आपके बाद कांग्रेस में कौन लीडर है?
वीरभद्र- मेरा आखिरी चुनाव है, लेकिन पार्टी में कई नेता हैं जो उसे आगे ले जा सकते हैं। यह पार्टी को तय करना है कि सही व्यक्ति को आगे बढ़ाए।

सवाल- अर्की से चुनाव में उतरने क्या कारण हैं ?
वीरभद्र- मैं तो कहीं से भी चुनाव लड़ और जीत सकता हूं। शिमला से बाहर अर्की जाने की वजह ये थी कि वहां भाजपा लगातार जीत रही थी और शिमला से सटी हुई सीट है। इसके अलावा मैं कुटलैहड़ के अलाव एक और सीट पर भी विचार कर रहा था। मेरा मकसद सिर्फ भाजपा की मजबूत सीटों पर जाकर वहां स्थितियां बदलने का रहा।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार का दिन अपने निजी आवास हॉलीलाज में बिताया। आत्मविश्वास से लबरेज वीरभद्र सिंह सुबह नौ बजे से लोगों से मुलाकात करने में व्यस्त रहे। हरी घास के लॉन में उनका दरबार सजा हुआ था। सामने मेज पर मेवे और मिठाइयां रखी थीं। उनके चेहरे पर न तो थकान का कोई भाव था, न ही हार-जीत की जरा सी भी चिंता दिखी। गेट पर उन्होंने स्टाफ को निर्देशित किया था कि एक-एक कर उनसे मिलने वालों को भेजते रहें।

वीरभद्र जीत को लेकर निश्चिंत दिख रहे थे, जबकि उनसे मिलने वालों के चेहरों पर दुविधा झलक रही थी। वीरभद्र कभी मिलने वालों से उनका फीडबैक लेते फिर उन्हें समझाते - नहीं यहां ये स्थिति है। 55 साल की सक्रिय राजनीति का अनुभव उनकी बातों और दावों से झलक रहा था। इस बीच पत्नी प्रतिभा सिंह भी उन्हीं के साथ मौजूद रही।

नौकर चाकरों के अलावा प्रतिभा खुद भी मेहमानों से चाय नाश्ता पूछती रही। इन सबके बीच वीरभद्र अपनी नन्हीं नातिन के साथ हंसते बोलते दिखे। जब अमर उजाला टीम उनसे मिली तो उन्होंने नातिन की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह मेरी ग्रैंड डॉटर है। यह बताते हुए उनके आंखों में एक चमक आ गई। तभी उन्होंने वहां पहुंचे कर्मचारी संगठन के नेताओं से मुलाकात की। शाम साढ़े चार बजे जब हल्के बादल और शाम ढलने के शुरुआत हुई तो वे बैठक में जाकर बैठ गए। देर शाम तक दरबार वहां पर चलता रहा।

पचास से अधिक सीटें जीत भाजपा बनाएगी सरकार: धूमल

himachal assembly election 2017 virbhadra singh and prem kumar dhumal interview

सवाल- मतदान के बाद आपका क्या आकलन है? किसकी सरकार बनेगी ?
धूमल- प्रदेश में जागरूक मतदाता ने भारी मतदान कर साफ कर दिया है कि ये बदलाव की बयार है। भाजपा के पक्ष में मतदाता घर से निकला। इसमें कोई शक नहीं कि सरकार भाजपा की बन रही है और तय लक्ष्य से अधिक सीटें पार्टी जीत रही है।

सवाल- इस बार का चुनाव किस तरह से अलग था ?
धूमल- इस बार चुनावों में हर वर्ग में भारी उत्साह दिखा। लोग परिवर्तन लाना और कांग्रेस से छुटकारा पाना चाहते थे। नेतृत्व पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित तमाम केंद्रीय नेताओं ने हिमाचल में प्रचार कर कांग्रेस का असल चेहरा जनता के सामने रखा। प्रचार के दौरान जनता में प्रदेश सरकार के खिलाफ खुलकर रोष दिखा।

सवाल- मानते हैं कि पार्टी को कई सीटों पर बगावत से नुकसान होगा?
धूमल- टिकट कटने से असंतोष स्वाभाविक है, लेकिन जिस भी सिटिंग विधायक का टिकट कटा उसने आखिरकार पार्टी के पक्ष में प्रचार किया। मैं उन लोगों का धन्यवाद भी करना चाहता हूं कि उन्होंने हमारी बात सुनी और प्रत्याशियों के साथ मिलकर प्रचार भी किया।

सवाल- पर कई सीटों पर बगावत तो हुई ?
 धूमल- जिन सीटों पर पार्टी से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा उनका आकलन हम कर चुके हैं। ऐसी सीटों पर निर्दलीय उतरने वाले बागियों से पार्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा है। ऐसी अधिकांश सीटें हम जीत रहे हैं और भाजपा अपने तय लक्ष्य को पार कर रही है।

सवाल- आपके नेतृत्व में सरकार बनती है तो क्या प्राथमिकताएं रहेंगी?
धूमल- भाजपा की सरकार जनता के जान माल की सुरक्षा का खास ख्याल रखेगी। नारी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। पिछले पांच सालों में जिस तरह विकास पटरी से उतर गया है, उसे दोबारा पटरी पर लाना है। सरकार की बड़ी प्राथमिकता आर्थिक बदहाली की स्थिति को सुधारने के लिए राजस्व के नए साधन तलाशने के साथ खर्चों को सीमित करना है। युवा वर्ग के लिए रोजगार और स्वरोजगार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। हर वर्ग के उत्थान के लिए भाजपा पारदर्शी और सुशासन वाली सरकार देगी।

भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल ने मक्की की रोटी और सरसों के साग के साथ दिन की शुरुआत की। सारा दिन समीरपुर स्थित अपने निवास स्थान पर रहे। अमूमन हर रोज सुबह 4 बजे उठने वाले धूमल चुनावी थकान के चलते शुक्रवार सुबह करीब पौने सात बजे उठे। इसके बाद व्यायाम और स्नान के बाद पूजा-अर्चना की।

सुबह 9 बजे भोजन कक्ष पहुंचे। यहां मक्की की रोटी, सरसों के साग का नाश्ता किया। इसके बाद अखबारें पढ़ीं और कुछ देर आराम किया। साढ़े नौ बजे कार्यकर्ताओं का आने का सिलसिला शुरू हुआ। धूमल दोपहर दो बजे तक कार्यकर्ताओं से मिले और सुजानपुर के सभी मतदान केंद्रों का फीडबैक लिया।

इसके बाद सवा दो बजे परिवार के सदस्यों के साथ दोपहर का भोजन किया। इसमें उड़द की दाल, चपाती और गोभी की सब्जी ली। इसके बाद ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक आराम किया। शाम को फिर कार्यकर्ताओं से मिलने का सिलसिला जारी हो गया। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि वे इस हफ्ते घर पर ही रहेंगे। कोई कार्यक्रम या पार्टी मीटिंग हुई तो ही बाहर जाएंगे।

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