फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal assembly election 2017 cm virbhadra singh strategy from arki

सीएम वीरभद्र के अर्की जाने से थमे कांग्रेस के बगावती सुर

Sat, 21 Oct 2017 11:21 AM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 21 Oct 2017 11:21 AM IST
विज्ञापन
himachal assembly election 2017 cm virbhadra singh strategy from arki

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अर्की से टिकट लेने और नामांकन भरने के बाद इस सीट पर कांग्रेस के बगावती सुर भी थम गए हैं। टिकट न मिलने पर रूठे नेता अमर चंद पाल के बागी होने ही यहां कांग्रेस पिछला चुनाव हारी। इस बार दिलचस्प यह है कि शुक्रवार को अमर चंद पाल सीएम वीरभद्र सिंह के नामांकन के दौरान उनके प्रस्तावक बने।

विज्ञापन


कांग्रेस के पिछले उम्मीदवार संजय अवस्थी भी अर्की में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समर्थन में खडे़ नजर आए। अवस्थी वीरभद्र के दूसरे प्रस्तावक बने। अन्य चार प्रस्तावक कांग्रेस का टिकट मांग रहे चार नेता संजय ठाकुर, राजेंद्र ठाकुर, सुशील ठाकुर और सतीश कश्यप सामने आए।    
विज्ञापन


वर्ष 2012 के चुनाव में अर्की में अगर भाजपा जीती तो इसका सबसे बड़ा कारण कांग्रेसियों की आपसी फूट ही रही। तब कांग्रेस के प्रत्याशी संजय अवस्थी को टिकट दिलाने में विद्या स्टोक्स का ज्यादा योगदान रहा। दूसरी तरफ टिकट न मिलने से नाराज अमर चंद पाल ने निर्दलीय चुनाव लड़कर कांग्रेस प्रत्याशी को हरवाने का काम किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस वक्त भाजपा के उम्मीदवार और सिटिंग विधायक गोविंद राम शर्मा को कुल 57,190 में से 17,211 वोट पडे़ जबकि कांग्रेस प्रत्याशी संजय अवस्थी को 15,136 मत ही पडे़। यानी 2,075 वोट लेकर ही भाजपा उम्मीदवार की जीत हुई। बागी अमर चंद पाल ने निर्दलीय चुनाव लड़कर 10,477 वोट लिए।

पाल बागी न होते तो अवस्थी विधायक बनने में कामयाब होते। इस बार ये दोनों नेता सीएम के साथ खडे़ हैं। इसी से माना जा रहा है कि अर्की सीट से मुख्यमंत्री एकदम निश्चिंत हो गए हैं और वे आसानी से राज्य भर में प्रचार के लिए वक्त निकाल पाएंगे।  

अर्की से एक दर्जन नेता मांग रहे थे कांग्रेस टिकट
इस बार भी अर्की विधानसभा सीट से कांग्रेस के लगभग एक दर्जन नेता टिकट मांगते रहे। इनमें अमर चंद पाल, संजय अवस्थी, सतीश कश्यप, सुशील ठाकुर, राजेंद्र ठाकुर, कैलाश पराशर, संजय ठाकुर, डा. मस्तराम शर्मा, इंद्र सिंह ठाकुर, अनिल गुप्ता, प्रभार ठाकुर आदि नेता टिकट मांगते रहे।

सीएम ने टिकट लिया तो ये सब नेता पीछे हो लिए हैं। शुक्रवार को वीरभद्र सिंह के नामांकन भरने और इस दौरान हुई जनसभा में टिकट लेने के इच्छुक ये ज्यादातर नेता मौजूद रहे। 

11 प्रत्याशियों ने लड़ा चुनाव, एनसीपी और माकपा ने भी लिए अच्छे वोट
साल 2012 में अर्की सीट पर कुल 11 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। भाजपा के गोविंदराम शर्मा, कांग्रेस के संजय अवस्थी, निर्दलीय अमर चंद पाल के अलावा एनसीपी और माकपा के प्रत्याशियों ने भी काफी वोट लिए। एनसीपी प्रत्याशी भगत सिंह बहलवाल को 7,515 और माकपा उम्मीदवार रामकृष्ण को 2,981 मत पडे़।


बसपा के गुरदास राम को 575 और हिमाचल स्वाभिमान पार्टी के बृज लाल को 413 वोट पडे़। अमर चंद पाल के अलावा चार अन्य प्रत्याशियों ने भी निर्दलीय चुनाव लडे़। इनमें भाजपा से बागी हुई आशा परिहार को 1754, पवन कुमार को 430, राजकुमारी को 242 और विजय सिंह को 456 वोट पडे़।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed