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दो मजबूत सियासी घरानों में भाजपा की सेंध से कांग्रेस को लगा झटका

Fri, 27 Oct 2017 12:05 PM IST
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 27 Oct 2017 12:05 PM IST
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himachal assembly election 2017 chetan parmar and pandit sukhram story

चुनाव से ठीक पहले अपने दो मजबूत सियासी घरानों में भाजपा की सेंध से कांग्रेस को झटका लगा है। कांग्रेस ने कुछ दिन पहले पार्टी के दिग्गज नेता पंडित सुखराम ने परिवार के साथ और अब हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के पोते चेतन परमार के पाला बदलने से सत्तारूढ़ पार्टी की चिंता बढ़ी है।

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पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पं. सुखराम ने वर्ष 1998 के चुनाव में भी प्रदेश में कांग्रेस के समीकरण बिगाड़ दिए थे। उस वक्त सुखराम ने हिमाचल विकास कांग्रेस खड़ी की। तब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही 31-31 सीटें जीतीं। हिविकां ने पांच सीटों पर जीत हासिल की।
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एक निर्दलीय विधायक रमेश धवाला जीते। धवाला के सहयोग से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सरकार बनाने का दावा जरूर पेश किया, मगर पंडित सुखराम ने भाजपा का साथ देकर प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनवाने का सफल दांव चला। 

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पिछला चुनाव हार गए थे कुश परमार

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बाद में सुखराम कांग्रेस में लौट आए। उन्होंने मंडी सदर सीट से अपने बेटे अनिल शर्मा को वारिस के तौर पर उतारा। वर्ष 2012 में जब कांग्रेस की सरकार बनी तो वे देरी से ही सही, मगर बेटे अनिल शर्मा को मंत्री बनाने में कामयाब हो गए।

हाल में वीरभद्र सरकार के प्रतिष्ठित मंत्री रहे अनिल शर्मा ने भाजपा मेें शामिल होने का एलान कर कांग्रेस को पहला झटका दिया। अब नाहन के पूर्व विधायक कुश परमार के बेटे और हिमाचल निर्माता तथा प्रदेश में कांग्रेस को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाने वाले स्वर्गीय डॉ. वाईएस परमार के पोते ने दूसरा झटका दिया। 

पिछली बार चेतन परमार के पिता कुश परमार ही नाहन से कांग्रेस से प्रत्याशी थे और वे चुनाव हार गए थे। इससे पहले वे कांग्रेस के ही विधायक रह चुके हैं। इस दफा उन्होंने बेटे के लिए ये सीट छोड़कर कांग्रेस का टिकट मांगा, जिसमें वे सफल नहीं हुए।

नाहन से सीएम वीरभद्र के करीबी माने जाने वाले अजय सोलंकी को टिकट दिया गया, जिसके रोष में डा. परमार के बेटे और पोते ने ये पैंतरा चला है। अब कांग्रेस इन दोनों प्रतिकूल राजनीतिक घटनाओं से नुकसान को रोकने की रणनीति पर विचार-मंथन कर रही है।

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