हिमाचल विस चुनाव: नई सरकार से पहले बढ़ी नौकरशाहों की बेचैनी, शुरू हुई सत्ता दरबार विजिट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे सामने आने में यूं तो दो दिन का समय है। लेकिन नई सरकार बनने से पहले ही प्रदेश और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात नौकरशाहों के बीच बेचैनी बढ़ गई है।
सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है कि विपक्ष में बैठी भाजपा सत्ता पर काबिज हुई तो मुख्य सचिव और डीजीपी पद पर नए अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी।
इसको लेकर अफसरों ने अभी से प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। मुख्य सचिव, महानिरीक्षक स्तर के आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी दोनों वरिष्ठतम पदों के लिए अपने अपने स्तर से समीकरण बैठाने का प्रयास कर रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो आधा दर्जन आईएएस और आईपीएस अफसर दिल्ली में दरबार विजिट कर अपनी सीट पक्की करने की कवायद कर चुके हैं। इनमें प्रदेश में तैनात अफसरों के अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात चल रहे कई अफसर शामिल हैं।
बड़ा प्रशासनिक फेरबदल संभव
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में अफसरों की खासी कमी है, ऐसे में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात चल रहे कई अधिकारियों को वापस बुलाकर प्रदेश में अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
दिल्ली में कई आईएएस और आईपीएस अफसर हैं, जिनकी प्रतिनियुक्ति अवधि इस साल समाप्त हो रही है। ऐसे में मोदी सरकार में अपनी सेवाएं दे चुके अफसर प्रदेश में भी बड़ी जिम्मेदारी मिलने के लिए उम्मीद लगाए हैं। अब 18 को नतीजे आने के बाद नई सरकार बनने के बाद ही अफसरों की नई भूमिका तय हो सकेगी।
नई सरकार बनने के साथ ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल संभव है। दरअसल, हर पांच साल बाद सत्ता परिवर्तन के पैटर्न को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं।
माना जा रहा है कि नई सरकार के आने के बाद पिछली सरकार के खास रहे प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज गिरना लगभग तय है। इसके अलावा कई पुलिस अधिकारी भी है जिनकी वर्तमान सरकार से नजदीकियां जगजाहिर हैं। ऐसे में सत्ता के करीबी अफसरों के तबादले की संभावना जताई जा रही है।