मुख्यमंत्री कार्यालय को बना दिया कांग्रेस कार्यालय, CEO से शिकायत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश भाजपा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में सेवा विस्तार पुनर्रोजगार पाए कर्मचारियों को तैनात रखने और हॉली लॉज में सरकार के लिए काम कर रहे व्यक्ति को आश्रय देने की शिकायत मुख्य निर्वाचन आयुक्त से की है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को कांग्रेस कार्यालय बना दिया गया है, जिसका दुरुपयोग विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी के पक्ष में प्रचार के लिए किया जा रहा है।
इसी तरह मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओक ओवर को भी पार्टी कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा रहा है, जहां पर कांग्रेस प्रचारकों को जगह दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय और उनके सरकारी आवास का दुरुपयोग चुनावी आचार संहिता का सरासर उल्लंघन है, इसलिए सेवा विस्तार पाए तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को यहां से हटाया जाए।
भाजपा ने इस बात पर भी कड़ा विरोध जताया है कि काफी समय से कांग्रेस सरकार के लिए कार्य कर रहे एक व्यक्ति को ओक ओवर में ठहराया गया है। इस व्यक्ति को सरकार ने दिल्ली में तैनात किया था और लाखों की मासिक पगार दी जा रही है और पिछले कुछ समय से इसे शिमला में ओक ओवर में ठहराया गया है।
अधिशाषी अभियंता बने कांग्रेस एजेंट
भाजपा ने इसके अलावा लोक निर्माण विभाग गोहर डिविजन में तैनात अफसर की शिकायत चुनाव आयोग से की है।
भाजपा का आरोप है कि सेवा विस्तार पर चल रहे ये अफसर सीधे तौर पर कांग्रेस के प्रत्याशी के पक्ष में कार्य कर रहे हैं और आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं।
ये कांग्रेस प्रत्याशी के सहपाठी बताए जा रहे हैं। भाजपा ने मांग की है कि तुरंत उनके पद से भार मुक्त किया जाए और वहां पर किसी अन्य सरकारी अधिकारी की तैनाती की जाए।