फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal assembly budget session: Opposition ruckus, walkout over non-completion of quorum

हिमाचल विधानसभा बजट सत्र: कोरम पूरा न होने पर विपक्ष का हंगामा, वाकआउट

Mon, 14 Mar 2022 09:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 14 Mar 2022 09:34 PM IST
सार

कांग्रेस विधायक सतपाल सिंह रायजादा जब पुलिस प्रबंधन पर लाए गए कटौती प्रस्ताव पर बोल रहे थे तो उस समय मुख्यमंत्री, कई मंत्री व सत्ता पक्ष के कई विधायक सदन में नहीं थे। मुख्यमंत्री को कटौती प्रस्ताव का जवाब देना था। उनके न होने पर विपक्ष सदन से बाहर चला गया और जाते-जाते मुकेश अग्निहोत्री बोले की सरकार गंभीर नहीं है, क्योंकि यहां जवाब देने वाले ही नहीं हैं।

विज्ञापन
Himachal assembly budget session: Opposition ruckus, walkout over non-completion of quorum
हिमाचल विधानसभा शिमला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को कटौती प्रस्ताव के दौरान कोरम पूरा न होने पर विपक्ष ने सदन में पहले हंगामा किया और उसके बाद वाकआउट कर दिया। सदन में ऐसा तीन बार हुआ कि जब सत्ता पक्ष के अधिकांश सदस्य सदन में मौजूद नहीं रहे। इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने व्यवस्था दी कि यह सब ठीक नहीं है। अगर ऐसा ही करना है तो सदन को स्थगित किया जाए। इन्होंने मुख्य सचेतक और उप मुख्य सचेतक को कोरम पूरा करने को कहा। एक बार तो उन्होंने यह तक कह दिया था कि बार-बार पीठ की ओर से आग्रह करने के बाद भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सदन में गंभीर चर्चा हो रही है। सदस्य पर्यटकों की तरह न घूमें।

विज्ञापन


कांग्रेस विधायक सतपाल सिंह रायजादा जब पुलिस प्रबंधन पर लाए गए कटौती प्रस्ताव पर बोल रहे थे तो उस समय मुख्यमंत्री, कई मंत्री व सत्ता पक्ष के कई विधायक सदन में नहीं थे। मुख्यमंत्री को कटौती प्रस्ताव का जवाब देना था। उनके न होने पर विपक्ष सदन से बाहर चला गया और जाते-जाते मुकेश अग्निहोत्री बोले की सरकार गंभीर नहीं है, क्योंकि यहां जवाब देने वाले ही नहीं हैं। ऐसे में यहां बैठकर क्या करना है। तभी सीएम जयराम ठाकुर सदन में पहुंच गए। ऐसे में पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विधायक आशा कुमारी को हाथ पकड़कर सदन के भीतर लाया। इसके बाद विपक्ष के अन्य विधायक भी सदन के भीतर आ गए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कटौती प्रस्ताव का जवाब जारी रखा।

विज्ञापन

राजस्व संबंधित सुनवाई में अब कम समय लगेगा

हिमाचल में लोगों की कम समय में राजस्व संबंधित सुनवाई हो पाएगी। राज्य विधानसभा में हिमाचल प्रदेश भू राजस्व संशोधन विधेयक-2022 विधेयक संख्या 3 में सोमवार को पारित कर दिया है। राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने यह संशोधन विधेयक सदन में प्रस्तुत किया और इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस संशोधन के बाद से लोगों को राजस्व संबंधित सुनवाई में अपेक्षाकृत काफी कम समय लगेगा।

पहले राजस्व संबंधित मामलों में एक माह से लेकर पांच-सात साल का समय लगता था। राजस्व अधिकारियों और कलेक्टरों के पास सुनवाई में विलंब भी होता था। इस विलंब को कम करने के लिए यह संशोधन किया गया है। अब राजस्व संबंधित मामलों को सीधे वित्तायुक्त के समक्ष उठाया जा सकता है। इससे  लोगों को अनावश्यक विलंब से बचा जा सकेगा। 
  

सड़कों-पुलों की दयनीय हालत को लेकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरा

वहीं,  विधानसभा में सोमवार को विपक्ष ने सड़क और पुल पर कटौती प्रस्ताव लाकर सत्ता पक्ष के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगाए। कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने कहा कि हिमाचल में सड़कों को हालत खस्ता है। सरकार की ओर से इसकी सुध नहीं ली जा रही है। लोक निर्माण विभाग में बर्फ हटाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली मशीनरी को अपग्रेड नहीं की गई है। उन्होंने एफ सीए क्लीयरेंस समय पर नहीं मिलने से नाराजगी जताई। चर्चा में हिस्सा लेते हुए विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के पास निर्माण कार्यों के लिए पैसा है लेकिन इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अपने क्षेत्र के एक लव्य स्कूलों के निर्माण का मामला भी उठाया।  

कहा कि सालों से पैसा विभाग के पास पड़ा है लेकिन अभी तक  काम शुरू नहीं किया गया है। विधायक हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण में शिलाई क्षेत्र को एक फूटी कौड़ी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सेंट्रल रोड फंड में भी कोई पैसा नहीं मिला है। अधिकांश पैसा मंडी क्षेत्र को ही दिया गया। विधायकों की डीपीआर समय पर नहीं बनाई जा रही है। विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने छोटी सड़कों की मरम्मत को क्या नेशनल हाईवे को भी ठीक नहीं किया जा रहा है। सड़कों असर पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। विधायक रोहित ठाकुर ने कहा कि सबका विकास सबका साथ वाली बात आज सबका साथ कुछ का विकास वाली हो गई है। उन्होंने ठियोग हाटकोटी सड़क का मामला उठाया। 

विज्ञापन

हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में कुल 3109 बसें

विधायक आशीष बुटेल के सवाल पर लिखित जवाब में परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने सोमवार को सदन में अवगत करवाया कि वर्तमान समय में हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में कुल 3109 बसें हैं।  परिचालकों के परिचालकों के कुल स्वीकृत पद 4498 हैं जबकि  कुल 4033 पद भरे हैं। इनके अलावा चालकों के स्वीकृत पद 4584 हैं और इनमें से 4094 पद भरे हैं। इंवेस्टर मीट में कुल 39,516.13 करोड़ के निवेश को 277 एमओयू हुए हैं। 

परिवहन मंत्री के अनुसार निगम के धर्मशाला मंडल में 85, हमीरपुर 108, मंडी 94, शिमला कुल 3034 बसें हैं। इनके अलावा 75 इलेट्रिक बसें बेड़े में हैं। बुटेल के अन्य सवाल पर  लिखित जवाब देते हुए कहा कि इंवेस्टर मीट में वर्ष 2019 में कुल 227 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए हैं।  इनमें से 127 एमओयू औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। पशुपालन क्षेत्र में 324 करोड़, हिमुडा 11654.5 करोड़, तकनीकी शिक्षा 100.00 करोड़, उच्च शिक्षा 50.13 करोड़, बागवानी 77.55 करोड़, युवा सेवाएं और खेल 116 करोड़, पर्यटन 1760.38 करोड़, ऊर्जा 9057.8 करोड़, उद्योग 16025.77 करोड़ निवेश को एमओयू हुए हैं। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed