फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal Assembly budget session: Asha said that were intimidating the employees earlier, now they are taking out letters

विधानसभा बजट सत्र: आशा बोलीं- कर्मचारियों को पहले जुबानी डरा रहे थे, अब चिट्ठियां निकाल रहे

Sat, 26 Feb 2022 06:44 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 26 Feb 2022 06:44 PM IST
सार

आशा कुमारी ने सदन में कर्मचारियों के आंदोलन पर सरकार की सख्ती पर मुख्यमंत्री को इशारा कर कहा कि पहले जुबानी डरा रहे थे, अब चिट्ठियां निकाल रहे हैं, आपसे कोई नहीं डरेगा। उन्होंने सदन में महंगाई का मुद्दा भी उठाया। 

विज्ञापन
himachal Assembly budget session: Asha said that were intimidating the employees earlier, now they are taking out letters
कांग्रेस विधायक आशा कुमारी(फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने सदन में कर्मचारियों के आंदोलन पर सरकार की सख्ती पर मुख्यमंत्री को इशारा कर कहा कि पहले जुबानी डरा रहे थे, अब चिट्ठियां निकाल रहे हैं, आपसे कोई नहीं डरेगा। ओल्ड पेंशन स्कीम का समाधान नहीं निकाला जा रहा। यही अन्य मामलों की बात है। आशा ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में मजाक में कहा कि अल्बर्ट पिंटो को आजकल गुस्सा क्यों आता है। हंसते हुए सफाई दी कि यह एक फिल्म का डायलॉग है। कहा कि मुख्यमंत्री जयराम आजकल खूब गुस्से में हैं।  

विज्ञापन


उन्होंने सदन में महंगाई का मुद्दा भी उठाया। कहा कि सरसों तेल की रिफाइनरी का काम अडानी के पास है, इसलिए इसके  रेट बढ़ गए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा कि सरकार 150 रुपये में सरसों तेल उपलब्ध करवा रही है। रिफाइंड पर भी सब्सिडी दे रहे हैं। आशा ने सवाल उठाया कि यह सरकार की कैसी नीति है कि कोई शराब पीकर मरेगा तो आठ लाख कोई कोरोना से मरेगा तो 50 हजार दिए जाएंगे।
विज्ञापन


एसपीओ को वित्तीय सहायता देने पर बोले सीएम, इसका समाधान निकालेंगे 
विशेष सुरक्षा अधिकारियों (एसपीओ) को वित्तीय सहायता देने के मामले में आशा कुमारी ने कहा कि इसमें अपने हिस्से को सरकार को वापस नहीं खींचना चाहिए। सीएम ने कहा कि पिछली सरकार ने इसे बंद किया है। सुझाव आया है तो इसका समाधान निकाला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने 14 हजार से 15 हजार गोवंशों को आश्रय दिया : जयराम 
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में लावारिस पशुओं को आश्रय देने के मामले में मुख्यमंत्री जयराम और डलहौजी की विधायक आशा कुमारी आमने-सामने हो गए। आशा ने सड़कों पर लावारिस पशुओं के घूमने और समस्या का समाधान नहीं निकालने का मामला उठाया तो सीएम खड़े हो गए। बताया कि कांग्रेस के वक्त में केवल 6 हजार पशु ही गोशालाओं में थे। वर्तमान में 14 हजार से 15 हजार गोवंशों को आश्रय दिया गया है। शेष बचे करीब 12 हजार मवेशियों को दिसंबर तक आश्रय मिलेगा। 


चन्नी फ्री हो रहे, सीमेंट फैक्टरी लगाने को उन्हें बुलाएं : बिक्रम
आशा कुमारी ने सीकरीधार सीमेंट फैक्टरी मेें सरकार के नाकाम रहने का मामला उठाया तो उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि सीमेंट के प्लांट निजी कंपनी लगाती है। पांच बार विज्ञापित किया और कोई नहीं आया। आपकी पार्टी में मोटे-मोटे लोग हैं। अभी चन्नी फ्री हो रहे हैं। उन्हें बुलाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed