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Shimla News: आढ़ती किलो के हिसाब से सेब बेचने को तैयार नहीं, आज से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल, बागवान परेशान
Thu, 20 Jul 2023 11:48 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 20 Jul 2023 11:48 AM IST
सार
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरीश ठाकुर का कहना है कि बागवान संगठन राजनीति कर सरकार को गुमराह कर रहे हैं। सचिवालय में बैठक में आढ़तियों को अपशब्द कहे गए।
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फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
विस्तार
किलो के हिसाब से सेब बेचने के सरकार के फैसले को आढ़तियों ने तालिबानी फरमान करार देते हुए वीरवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया है। आढ़ती प्रदेशभर में सेब नहीं बेचेंगे। आढ़तियों का कहना है कि किलो के हिसाब से सेब बेचना संभव नहीं है। बागवान संगठन सरकार को गुमराह कर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। सेब सीजन के बीच बिना नोटिस हड़ताल से बागवान संकट में घिर गए हैं।
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बागवानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। उधर, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि आढ़ती ब्लैकमेलिंग कर रहे हैं। उन पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार बागवानों के साथ है। एपीएमसी सचिव और एसडीएम ठियोग ने पराला मंडी के निरीक्षण के दौरान किलो के स्थान पर पेटी के हिसाब से सेब बेच रहे आढ़तियों का चालान करने और उनके लाइसेंस रद्द करने की उन्हें चेतावनी दी।
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इस पर आढ़ती भड़क गए और काम बंद कर दिया। एसडीएम के समझाने पर भी आढ़ती नहीं माने। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरीश ठाकुर का कहना है कि बागवान संगठन राजनीति कर सरकार को गुमराह कर रहे हैं। सचिवालय में बैठक में आढ़तियों को अपशब्द कहे गए। लाइसेंस रद्द करने और एफआईआर के नाम पर धमकाया जा रहा है। सरकार हमारी नहीं सुन रही। तौल कर सेब बेचना संभव नहीं है।
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किलो के हिसाब से सेब बेचने का फैसला बागवानों और आढ़तियों से चर्चा के बाद लिया गया है। यह हिमाचल प्रदेश ही नहीं पूरे देश में व्यवस्था है। सीजन के दौरान हड़ताल का फैसला नैतिक तौर पर भी सही नहीं है। ब्लैकमेलिंग कर रहे आढ़तियों के खिलाफ सरकार कानूनी कार्रवाई करेगी। बागवान संयम बरतें और दूसरी मंडियों में उत्पाद बेच कर तानाशाही करने वालों को जवाब दें। सरकार बागवानों के साथ है। - जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री
गैरकानूनी व्यापार करने की मंशा रखने वाले स्वार्थी लोग हड़ताल कर रहे हैं। सरकार हड़ताल खत्म करने के लिए तुरंत कदम उठाए। बागवानों को गुमराह करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। - हरीश चौहान, संयोजक संयुक्त किसान मंच
हड़ताल से आढ़तियों का किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया साफ हो गया है। ऑक्शन यार्ड पर पहुंचा सेब न बेचना किसानों से धोखा है। - सोहन ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष सेब उत्पादक संघ
रोहड़ू से परवाणू तक आज बंद रहेंगी मंडियां
आढ़तियों के साथ गलत व्यवहार होना और लाइसेंस रद्द करने की धमकी देना और उन्हें चोर का संबोधन दिए जाने का ऑल हिमाचल आढ़ती एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है। एसोसिएशन का कहना है कि इसके विरोध में 20 जुलाई को रोहड़ू से परवाणू तक फल-सब्जी मंडियां बंद रहेंगी।
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीनानाथ सैणी ने जारी एक बयान में कहा कि किलो के हिसाब से सेब बेचने के मामले में सरकारआढ़तियों-बागवानों और किसानों को एक मंच पर बुलाकर समस्या का समाधान करे। अब लाहौल का मटर और गोभी का सीजन शुरू हो रहा है। मंडियां बंद होती हैं तो इसका खमियाजा किसानों को भुगतना पड़ सकता है। सरकार आढ़तियों के हित में फैसला नहीं लेती है तो हड़ताल बढ़ सकती है।