बागवानों को 50 फीसदी उपदान पर मिलेंगे विदेशी सेब के पौधे
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राज्य सरकार सूबे के बागवानों को विदेशी सेब पौधे आधे दाम पर देगी। इटली से सेब के 7,55,250 पौधे 400 रुपये प्रति पौधा आयात किए गए हैं। इन पौधों पर सरकार 50 फीसदी उपदान देगी। राज्य में 15 से 25 फीसदी तक सेब की पैदावार और गुणवत्ता को भी बढ़ाया जाएगा।
सोमवार को बागवानी विकास परियोजना के मुख्य घटकों की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने यह खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि बागवानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए सात वर्ष तक 1134 करोड़ रुपये की बागवानी विकास परियोजना कार्यान्वित की जा रही है।
बैठक के दौरान मंत्री ने पौधरोपण के लिए तय 10 एकड़ के क्लस्टर की शर्त को हटाने के लिए विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 3.34 लाख पौधे विभिन्न नर्सरियों में तैयार हैं, जो दिसंबर-जनवरी में लगाए जाने हैं। मंत्री ने अधिकारियों से बागवानों की पौधों की मांग की रिपोर्ट देने को भी कहा है।
सिंचाई के लिए 328 करोड़ का प्रावधान
मंत्री ने कहा कि सिंचाई के लिए 328 करोड़ का प्रावधान है। शिलारू में 9.50, पालमपुर में 8.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बागवानी विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को शीघ्र वर्ल्ड बैंक से स्वीकृत करवाने को कहा।
बैठक में प्रधान सचिव संजय गुप्ता, महाप्रबंधक एचपीएमसी सुरेंद्र माल्टू, बागवानी निदेशक एमएल धीमान, परियोजना निदेशक एसएस वर्मा आदि मौजूद रहे।मंत्री ने कहा कि राज्य के शीत भंडारणों और पैकिंग हाउस स्तरोन्नत करने पर 202 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
गुम्मा, टिक्कर, खुड्डी, रोहडू और पतलीकूहल शीत भंडारणों पर 44.90 करोड़ खर्च होंगे। एचपीएमसी केंद्र परवाणू के स्तरोन्नत और मरम्मत के लिए 27.60 करोड़ और जड़ोल केंद्र के लिए 15.46 करोड़ की राशि का अनुमोदन किया है।