Himachal Apple: मौसम ने नहीं दिया साथ, सेब की फसल भी कम, पर चोखे दामों ने लगाया मरहम
नोवल का कहना है कि कम फसल में भी नई व्यवस्था से उन्हें लाभ हुआ। इस साल विपरीत मौसम के चलते कम फसल के बावजूद हिमाचल के सेब बागवानों को फसल के उम्दा दाम मिल रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश में इस साल मौसम ने साथ नहीं दिया, सेब की फसल भी बहुत कम हुई। किलो के हिसाब से नई व्यवस्था लागू होने से बागवानों को चोखे दाम मिले। शिमला जिले की ठियोग तहसील की धमांदरी पंचायत के बड़ोग निवासी राजेश शर्मा ने पिछले साल 124 पेटी सेब को 1200 के हिसाब से 1,48,000 रुपये में बेचा। इस साल महज 58 पेटियां ही हुईं। किलो के हिसाब से प्रति पेटी दाम करीब 1800 रुपये मिले। 58 पेटी में ही 1,04,400 कमाई हो गई।
राजेश के अनुसार किलो के हिसाब से बिक्री का और भी फायदा होगा, जब अगले साल यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू होगी। कुल्लू के आनी तहसील के माहवी निवासी नोवल ठाकुर हर साल 800 से 1000 पेटी सेब उत्पादन करते हैं और उनकी 2000 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से 16 से 18 लाख कमाई होती है। इस साल उनके बगीचे में सिर्फ 200 पेटी सेब हुआ है। किलो के हिसाब से हर पेटी 3000 से 3500 के बीच बिकी। 200 पेटी में ही 6,40,000 कमाई हुई। नोवल का कहना है कि कम फसल में भी नई व्यवस्था से उन्हें लाभ हुआ।
इस साल विपरीत मौसम के चलते कम फसल के बावजूद हिमाचल के सेब बागवानों को फसल के उम्दा दाम मिल रहे हैं। प्राकृतिक आपदा की मार झेलने के बावजूद बागवानों की मेहनत रंग लाई है। इस साल मंडियों में सेब को औसतन 120 से 130 रुपये किलो दाम मिला है। इस साल सेब की फ्लॉवरिंग के समय तापमान गिरने से इसकी सेटिंग सही नहीं हो पाई। इसके बाद तापमान में उतार-चढ़ाव से फसल पर असर पड़ा। बारिश से कई जगह सेब के बगीचे नष्ट हो गए। बगीचों में नमी अधिक होने से फसल बीमारियों की चपेट में आ गई। पर्याप्त धूप न मिलने से फसल की गुणवत्ता पर भी सर पड़ा। अत्यधिक बारिश के चलते सेब के पौधों में समय से पहले पतझड़ आ गया। इसकेबावजूद बागवानों को फसल के अच्छे दाम मिले।
हिमाचल प्रदेश में पहली बार सेब वजन के हिसाब से बेचा गया। बागवानों को सेब का बहुत बढि़या मूल्य मिला। पीक सीजन में भी बागवानों का सेब 140 से 160 रुपये किलो तक बिका है। - जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री
किलो के हिसाब से सेब बेचने की व्यवस्था बागवानों के हित में है। इस साल फसल कम थी, बागवानों को प्राकृतिक आपदा का भी सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अच्छे दाम मिले। बागवान को किलो की व्यवस्था से लाभ हुआ है। - हरीश चौहान, संयोजक, संयुक्त किसान मंच
करोड़ पेटी का कारोबार हो चुका है अब तक
इस सीजन में हिमाचल में अब तक 1 करोड़ 67 लाख 70 हजार पेटी सेब का कारोबार हो चुका है। मंडी मध्यस्थता योजना यानी एमआईएस के तहत 49,193.985 मीट्रिक टन सेब खरीदा जा चुका है। इस साल एचपीएमसी ने राज्य में 205 जबकि हिमफेड ने 103 खरीद केंद्र खोले हैं। एचपीएमसी अब तक 31,053.94 और हिमफेड 18,140.045 मीट्रिक टन सेब खरीद कर चुका है।
पिछले साल के मुकाबले इस साल उत्पादन कम
2018-19 1,84,30,143
2019-20 3,57,62,650
2020-21 2,40,53,099
2021-22 3,05,95,058
2022-23 3,36,17,133
2023-24 1,67,70,795