Himachal: ढाई दशक बाद पार्वती-2 परियोजना मार्च में होगी तैयार, पीएम कर सकते हैं लोकार्पण
एनएचपीसी की 800 मेगावाट पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण दो करीब ढाई दशक बाद बनकर तैयार होने वाली है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च महीने में एनएचपीसी की 800 मेगावाट पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण दो राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री को बुलाने की योजना चल रही है। इसके चलते वह कुल्लू के सैंज आकर इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार परियोजना का लोकार्पण करवाने के लिए परियोजना प्रबंधन की ओर से तैयारी चल रही है। एनएचपीसी का यह प्रोजेक्ट करीब ढाई दशक बाद बनकर तैयार होने वाला है। ऐसे में पीएम के दौरे को लेकर प्रशासनिक हलचल शुरू हो गई है। इस परियोजना का शिलान्यास पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने 1999 में किया था। उसके बाद वर्ष 2001 में प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
हालांकि इस परियोजना का निर्माण कार्य 2009 में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन बाधाओं के चलते इसका निर्माण कार्य लक्ष्य से लगातार पिछड़ता गया। ऐसे में कई बाधाओं को पार करते हुए अब निर्माण कार्य पूरा हाने वाला है। इसे राष्ट्र को समर्पित करने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय भी एनएचपीसी को इस परियोजना को जल्द पूरा करने का आदेश दे चुका है। सिउंड में पहाड़ी दरकने के कारण परियोजना का लक्ष्य 2007 से 2014 कर दिया गया था। इसके बाद हैडरेस टनल में टीबीएम फंस जाने से चार साल कार्य ठप रहा, जिससे परियोजना का कार्यक प्रभावित रहा और लक्ष्य लगातार पिछड़ता गया। अब परियोजना प्रबंधन की ओर से दावा किया गया है कि फरवरी में परियोजना बनकर तैयार हो रही है और मार्च में इसे राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
32 किलोमीटर लंबी है परियोजना की टनल
इस परियोजना की खासियत यह है कि इसमें 32 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण हुआ है। यह टनल 6 मीटर चौड़ी है, जिसके माध्यम से पार्वती नदी, हुरला, पंचा व मनिहार नाला के पानी को डायवर्ट किया गया है।
एनएचपीसी की पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-दो को मार्च महीने में राष्ट्र को समर्पित करने का कार्यक्रम है। इसके लिए प्रधानमंत्री के दौरे का कार्यक्रम बन रहा है। अभी दौरा फइनल नहीं हुआ है, लेकिन इस बारे बातचीत चल रही है। -विकास शुक्ला, एसडीएम, कुल्लू,
परियोजना का निर्माण कार्य मार्च पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और निर्माण पूरा होते ही इसे राष्ट्र को समर्पित करने की तैयारी है।-निर्मल सिंह, परियोजना निदेशक पार्वती चरण-दो