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HRTC घोषित कर सकेगा 500 कंडक्टर भर्ती का परिणाम, याचिका खारिज

Thu, 03 Aug 2017 06:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 03 Aug 2017 06:49 PM IST
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Himachal Administrative Tribunal rejects plea for  HRTC conductor recruitment

हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने एचआरटीसी की ओर से 500 कंडक्टर भर्ती संबंधित मामले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।

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प्रार्थियों ने याचिका में आरोप लगाया था कि हिमाचल पथ परिवहन निगम ने कंडक्टरों की भर्ती नियमों को दरकिनार करते हुए प्रारंभ की थी।

भर्ती प्रक्रिया के परिणाम पर ट्रिब्यूनल ने रोक लगा रखी थी। इस मामले के खारिज होने के पश्चात अब एचआरटीसी इन पदों के लिए शुरू की गई भर्ती के परिणाम निकाल सकेगी।

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ये था पूरा मामला

Himachal Administrative Tribunal rejects plea for  HRTC conductor recruitment

मामले के अनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम ने वर्ष 2015 में 500 कंडक्टरों की भर्ती की थी जिसे वर्ष 2016 में हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने नए भर्ती प्रणाली को असंवैधानिक पाते हुए रद्द कर दिया था।

उसके बाद एचआरटीसी ने ट्रिब्यूनल के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।


हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए मामले को प्रशासनिक प्राधिकरण को फिर से कुछ पहलुओं पर अपना निर्णय देने के लिए मामले को रिमांड किया था।


प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने प्रर्थियों की दलीलों से असहमति जताते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

ट्रिब्यूनल ने रद्द किए वरिष्ठ लेखा अधिकारी के आदेश

Himachal Administrative Tribunal rejects plea for  HRTC conductor recruitment

प्रशासनिक प्राधिकरण ने केंद्र सरकार के वरिष्ठ लेखा अधिकारी की ओर से पारित उन आदेशों को रद्द कर दिया है, जिसके तहत वन विभाग में कार्यरत कर्मी को दिए गए वर्क चार्ज स्टेटस वाली सेवाओं को पेंशन के लिए आंकने से मना कर दिया था। प्रशासनिक सदस्य न्यायिक डीके शर्मा ने मतवार सिंह द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए यह निर्णय पारित किया। 

याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार प्रार्थी जो वर्ष 1992 से वन विभाग में बतौर चौकीदार कार्य कर रहा था, को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से पारित मूलराज उपाध्याय की जजमेंट का लाभ देते हुए 1 जनवरी 2002 से वर्क चार्ज स्टेटस दे दिया गया था।

उसे सेवानिवृत्ति के बाद यह कहकर पेंशन देने से मना कर दिया उसकी वर्क चार्ज स्टेटस वाली सेवा को पेंशन के लिए नही आंका जा सकता। प्रतिवादियों का यह भी तर्क था कि वन विभाग में लोक निर्माण विभाग व सिंचाई एवं जन कल्याण विभाग की तरह वर्क चार्ज स्टेटस नहीं दिया जा सकता। 

वन विभाग ने खुद ही हाईकोर्ट द्वारा विभिन्न मामलों में पारित निर्णयों की अनुपालना में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मूलराज उपाध्याय के मामले में पारित निर्णय का लाभ देते हुए वर्क चार्ज स्टेटस दिए जाने के आदेश पारित कर रखे हैं।

प्रदेश प्रशासनिक प्राधिकरण ने सीनियर डिप्टी अकाउंटेंट जनरल द्वारा पारित आदेशों को कानून के विपरीत पाते हुए रद्द कर दिया। प्रार्थी द्वारा दी गई वर्क चार्ज स्टेटस वाली सेवाओं को पेंशन के लिए आंका जाएगा। प्रशासनिक प्राधिकरण ने प्रतिवादियों को यह आदेश दिए कि वह 3 माह के भीतर प्रार्थी को पेंशन दे।

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ट्रिब्यूनल ने 12 हजार से अधिक मामले निपटाए

Himachal Administrative Tribunal rejects plea for  HRTC conductor recruitment

प्रदेश प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने 12 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया है। ट्रिब्यूनल के प्रवक्ता ने बताया कि फरवरी 2015 से लेकर अभी तक कुल 18185 प्राप्त मामलों में से 10922 मामलों का निपटारा किया है। प्रदेश उच्च न्यायालय से प्राप्त 6435 मामलों में से 1195 मामले निपटाए गए हैं।

इसके अलावा 259 अवमानना याचिकाएं, 15 समीक्षा याचिकाएं, 20 पूर्व याचिकाओं सहित 5143 विविध आवेदनों का भी निपटारा इस अवधि के दौरान किया गया है।

इस लिहाज से कुल 12 हजार 117 मामलों का निपटारा किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने वर्ष 2009 से पूर्व के पुराने लंबित मामलों का निपटारा डिवीजनल बेंच द्वारा प्राथमिकता के आधार करने का निर्णय लिया है।

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