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हिमाचल: लाहौल में ग्लेशियर टूटने से उठा बर्फीला तूफान चंद्रा नदी तक पहुंचा, इन गांवों तक महसूस की गई तेज हवा

Sun, 01 Mar 2026 09:59 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग।
संवाद न्यूज एजेंसी, केलांग। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 01 Mar 2026 09:59 AM IST
सार

Glacier Burst in Himachal : हिमाचल प्रदेश में लाहौल घाटी में स्थित यानदे गंग ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर हिमस्खलन के रूप में नीचे आ गिरा। एवलांच से उठा बर्फीला तूफान नदी के पार चार गांवों तक महसूस किया गया। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Glacier Burst: Avalanche from Yande Gang Glacier Reaches Chandra River
लाहौल घाटी में शनिवार को उठा बर्फीला तूफान। - फोटो : स्रोत ः वीडियोग्रैब

विस्तार

लाहौल घाटी में स्थित यानदे गंग हिमनद (ग्लेशियर) का एक हिस्सा टूटकर एवलांच (हिमस्खलन) के रूप में नीचे आ गिरा। गोंदला क्षेत्र के ठीक सामने पीर पंजाल की ऊंची चोटी पर स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने इस हिमनद का टूटा हिस्सा चंद्रा नदी तक पहुंच गया। एवलांच से उठा बर्फीला तूफान नदी के पार रालिंग, खंगसर, जांगला और मूर्तिचा गांवों तक महसूस किया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार एवलांच का मलबा सीधे चंद्रा नदी तक जा पहुंचा, जबकि बर्फीली हवा का प्रभाव कई गांवों तक दिखाई दिया।

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गोंदला पंचायत के प्रधान सूरज ठाकुर ने बताया कि शनिवार दोपहरहिमाचल प्रदेश में लाहौल घाटी में स्थित यानदे गंग ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर हिमस्खलन के रूप में नीचे आ गिरा। एवलांच से उठा बर्फीला तूफान नदी के पार रालिंग, खंगसर, जांगला और मूर्तिचा गांवों तक महसूस किया गया।  करीब ढाई बजे पीर पंजाल की चोटी से हिमनद का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिरा। उन्होंने कहा कि घाटी में इस तरह के एवलांच सामान्य घटनाएं मानी जाती हैं, विशेषकर मौसम में बदलाव के दौरान। विशेषज्ञों और स्थानीय जानकारों का मानना है कि हालिया बर्फबारी के बाद तापमान में बढ़ोतरी के चलते हिमनद का हिस्सा अस्थिर हो गया, जिससे यह घटना हुई। हालांकि, इस बार कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लगातार टूटते हिमखंडों से घाटी में ग्लेशियरों का आकार धीरे-धीरे सिकुड़ने की चिंता भी बढ़ रही है।

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फरवरी में सामान्य से 86 फीसदी कम बरसे बादल
हिमाचल प्रदेश में फरवरी के दौरान सामान्य से 86 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। फरवरी में 101.8 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया था, लेकिन वास्तव में 14.7 मिलीमीटर बारिश ही हुई। बिलासपुर में सामान्य से 93, चंबा में 89, हमीरपुर में 86, कांगड़ा में 90, किन्नौर में 83, कुल्लू में 73, लाहौल-स्पीति में 88, मंडी में 75, सिरमौर में 94, सोलन में 96 और ऊना में 94 फीसदी कम बारिश हुई। वहीं मौजूदा विंटर सीजन में सामान्य से 45 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 6 मार्च तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। ऊना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री पहुंच गया। रात का पारा भी बढ़ने लगा है। 
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