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हिमाचल: हंसता-खेलता परिवार बर्बाद हो जाएगा, प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो केस को किया रद्द

Sat, 07 Nov 2026 05:15 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 Nov 2026 05:15 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि अगर कोई शादीशुदा नाबालिग लड़की बच्चे को जन्म देने अस्पताल जाती है, तो सिर्फ इस वजह से उसके पति या ससुराल वालों पर पॉक्सो जैसा गंभीर केस दर्ज नहीं किया जा सकता। 

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Himachal: A happy, thriving family will be ruined... High Court’s observation while quashing a POCSO case
अदालत(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया है कि अगर कोई शादीशुदा नाबालिग लड़की बच्चे को जन्म देने अस्पताल जाती है, तो सिर्फ इस वजह से उसके पति या ससुराल वालों पर पॉक्सो जैसा गंभीर केस दर्ज नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि अगर किसी लड़की ने अपने साथ किसी जुर्म की शिकायत ही नहीं की है, तो सिर्फ अस्पताल में बच्चे को जन्म देने पर उस पर पॉक्सो नहीं लगता। अगर शादी के समय लड़की नाबालिग थी, तो ज्यादा से ज्यादा बाल विवाह निषेध कानून के तहत मामला बनता है, न कि दुष्कर्म या पॉक्सो का। न्यायाधीश चिराग भानु की अदालत ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो अधिनियम की धारा 19 का मकसद बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण को रोकना और उसकी रिपोर्ट करना है। अदालत ने माना कि पीड़िता ने खुद किसी यौन अपराध की शिकायत नहीं की थी।

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डॉक्टर की ओर से केवल नाबालिग के प्रसव की सूचना देने से स्वतः पॉक्सो एक्ट की धाराएं लागू नहीं होती। कोर्ट ने टिप्पणी की कि जब पति-पत्नी साथ रह रहे हैं, दोनों का बच्चा है और परिवार खुश है। ऐसे में पति को जेल भेजना या मुकदमा चलाना इंसानियत और न्याय दोनों के खिलाफ है। इससे हंसता-खेलता परिवार बर्बाद हो जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा कि जब ऐसे मामलों में पत्नी खुद कोर्ट में आकर पति का बचाव करती है और कोई सबूत नहीं बचता, तो निचली अदालतों को तुरंत मामला बंद कर देना चाहिए। हाईकोर्ट ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए पति और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद कर दिया है। गौरतलब है कि 3 दिसंबर 2024 में चंबा के एक अस्पताल में एक नाबालिग लड़की डिलीवरी के लिए आई। डॉक्टरों ने उसकी उम्र 18 साल से कम देखकर पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दे दी। पुलिस ने लड़की के पति और ससुराल वालों पर अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की बेहद सख्त धाराओं में केस दर्ज कर लिया। लड़की और याचिकाकर्ता लड़के ने साल 2024 में अपने-अपने परिवारों की मर्जी से शादी की थी। लड़की ने खुद कोर्ट में कहा कि उसने अपनी पसंद से शादी की है और वह अपने पति के खिलाफ कोई केस नहीं चलाना चाहती।

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