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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   High court will hear Shimla Jhanjidi bus accident case on 02 july

शिमला के झंझीड़ी बस हादसे पर आज सुनवाई करेगा हाईकोर्ट

Tue, 02 Jul 2019 10:04 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 02 Jul 2019 10:04 AM IST
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High court will  hear Shimla Jhanjidi bus accident case on 02 july

हिमाचल हाईकोर्ट ने शिमला के झंझीड़ी में हुए स्कूल बस हादसे के बाद ऐसे ही एक हादसे से जुड़ी जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश वी रामसुब्रमनियन की खंडपीठ ने मंगलवार को सुनवाई करने का फैसला लिया है।

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प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता और नूरपुर बस हादसे मामले में नियुक्त कोर्ट मित्र श्रवण डोगरा सहित अन्य अधिवक्ताओं ने इस मामले पर सुनवाई करने के लिए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष गुहार लगाई।
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इस पर कोर्ट ने इसे नूरपुर स्कूल बस हादसे में लंबित जनहित याचिका वाले मामले के साथ संलग्न कर मामले पर सुनवाई तय की है। बीते साल नौ अप्रैल को नूरपुर बस हादसे में 26 स्कूली बच्चों को मिलाकर कुल 29 लोगों की हादसे में मौत हो गई थी।
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हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल 2018 को इस मामले को लेकर स्वत: संज्ञान लिया था। मामले में कोर्ट ने सरकार से शपथपत्र के माध्यम से यह स्पष्टीकरण देने को कहा था कि प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में बच्चों को घरों से स्कूलों तक लाने ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली व्यवस्था पर निगरानी रखने को कोई प्रणाली सरकार ने बना रखी है या नहीं। 

पूछा था कि स्कूलों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली बसों की निगरानी के लिए स्थानीय प्रशासन ने क्या तरीका निकाला है। यदि कोई तरीका नहीं है तो क्यों नहीं है। यदि कोई तरीका है तो किस तरह बसों की निगरानी की जाती है।

कोर्ट नूरपुर हादसे से जुड़ी बस की जानकारी मांगते हुए पूछा यह भी पूछा था कि उस बस की तकनीकी स्थिति क्या थी व किस वर्ष के मॉडल की बस थी। कोर्ट ने इस मामले में पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा को कोर्ट मित्र नियुक्त किया था व उनसे इस बाबत सुझाव देने को कहा था।

स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दायर शपथपत्र में बताया कि बोर्ड के निजी शिक्षण संस्थानों की मान्यता से जुड़े नियमों के तहत इन स्कूलों की परिवहन सुविधा को लेकर कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी स्कूलों के बच्चों के यातायात को लेकर जरूरी एडवाइजरी जारी की गई थी।

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