एसएमसी टीचर्स: हाइकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
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प्रदेश हाईकोर्ट ने एसएमसी (स्कूल मैनेजमैंट कमेटियों) द्वारा पहले से नियुक्त किए गए अध्यापकों के स्थान पर नए सिरे से उसी आधार पर नियुक्ति के लिए किए जाने वाले नए साक्षात्कारों पर रोक लगा दी है।
न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने शिमला जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मन्योटी तहसील चौपाल द्वारा टीजीटी, डीएम व भाषा अध्यापकों के साक्षात्कार पर रोक लगाने के आदेश दिए। यह रोक याचिकाकर्ताओं के पदों पर नए साक्षात्कारों हेतु जारी विज्ञापन पर लगाई गई है।
1 व 2 नवम्बर को होने थे साक्षात्कार
याचिकाकर्ता बिहारी लाल व अन्य प्रार्थियों का आरोप है कि वे काफी समय से एसएमसी के माध्यम से स्कूलों में बतौर शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब उनके स्थान पर अपने चहेतों की भर्ती के लिए एसएमसी व सरकार द्वारा नए सिरे से साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे हैं। उक्त स्कूल में ये साक्षात्कार 1 व 2 नवम्बर को निर्धारित किए गए थे।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के उन स्कूलों में एसएमसी को पीरियड आधार पर शिक्षकों की भर्ती की अनुमति दी गई है जिनमें 2 वर्षों से अधिक समय से शिक्षक नहीं है। प्रार्थियों का कहना है कि वे इन पदों पर नियुक्त हैं। अत: इन पदों को खाली नहीं समझा जा सकता।