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मानसिक रोगियों के पुनर्वास को नीति बनाने के आदेश

Wed, 25 Jul 2018 07:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 25 Jul 2018 07:00 AM IST
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high court orders govt to make rehabilitation policy for Mentally Challenged patients

हिमाचल हाईकोर्ट ने सामाजिक कल्याण विभाग और संबंधित विभागों के साथ मिलकर मानसिक तौर पर पीडि़त रोगियों के पुनर्वास के लिए नीति बनाने के आदेश दिए हैं।

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कोर्ट ने मेंटल हेल्थ केयर अधिनियम 2017 की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए इसके बारे में जानकारी मुहैया करवाने के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी करने को कहा है ताकि लोगों को यह पता लग सके कि मानसिक रोग से पीडि़त व्यक्ति को क्या अधिकार प्राप्त हैं।
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न्यायालय ने कमेटी गठित करने के भी आदेश दिए हैं जो मानसिक रोगियों को रखने का प्रबंध करने के लिए सिफारिश करें जिनके कोई नजदीकी संबंधी नहीं हैं या जिन्हें सगे संबंधियों ने छोड़ दिया है। 
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मंगलवार को अपने निर्णय में यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और विशेष तौर पर पुलिसकर्मियों का इनके प्रति दायित्व बनता है।

न्यायालय ने ये आदेश भी दिए

high court orders govt to make rehabilitation policy for Mentally Challenged patients

न्यायालय ने इनके उपचार के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं ताकि मानसिक रोग से पीडि़त व्यक्तिका इलाज हो सके। ऐसे लोगों को समाज में समान अधिकार देने की आवश्यकता है।

ऐसे शिविर में मनोचिकित्सक, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भाग लेने के आदेश जारी किए हैं। न्यायालय ने राज्य विधि सेवा प्राधिकरण, जिला विधि सेवा प्राधिकरण को मनोचिकित्सा अस्पतालों, नर्सिगिं होम्स के संगठनों के सहयोग से स्पेशल लीगल एड क्लीनिक स्थापित करने के आदेश जारी

किए हैं, जोकि मानसिक रोग से पीडि़त व्यक्ति के परिवार के सदस्यों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दे सके। प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि वह मानसिक तौर पर पीडि़त लोगों की सहायता के लिए यह सुनिश्चित करें कि सभी जिला में वेब पोर्टल चालू स्थिति में हो।

इनकी सहायता के लिए सभी टोल फ्री नंबर को भी चालू रखने के आदेश दिए हैं। इन फोन नंबरों को हमेशा एक व्यक्ति अटेंड करता रहे जहां पर मानसिक तौर पर पीडि़त व्यक्ति को रखा गया हो, उसके लिए रहने और खाने के लिए पूरी व्यवस्था हो। 

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