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एसआईटी और प्रशासनिक बाडी गठित करे प्रदेश सरकार: हाईकोर्ट
Sat, 02 Mar 2019 05:00 AM IST
ashok chauhan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: ashok chauhan
Updated Sat, 02 Mar 2019 05:00 AM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट ने परवाणू कैंटर यूनियन विवाद से जुड़े मामले में गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक सोलन को एसआईटी तथा प्रशासनिक बॉडी का गठन करने के आदेश दिए हैं। आदेश दिए कि यह बॉडी परवाणू में ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के दैनिक कार्यों पर नजर रखे।
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने ट्रक ऑपरेटर विनोद अत्री की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद ये आदेश पारित किए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि जिला प्रशासन परवाणू यूनियन की लड़ाई में विवश दिख रहा है।
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कोर्ट ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि ट्रक यूनियनों से जुड़े सदस्य अगर किसी भी तरह की कानूनी बाधा उत्पन्न करते हैं तो उन्हें तुरंत हिरासत में लिया जाए। उनके वाहनों को भी जब्त किया जाए।
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नुकसान की रिपोर्ट बनाकर कोर्ट के समक्ष पेश करे
कोर्ट ने एसआईटी को आदेश दिए है कि विवादित ट्रक यूनियनों की ओर से सितंबर 2018 में लड़ाई के दौरान आम जनता, कर्मचारियों तथा इंडस्ट्रियल यूनिटों को पहुंचाए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर कोर्ट के समक्ष पेश करे।
कोर्ट ने यूनियनों के ऑफिस बियरर को मामले में प्रतिवादी बनाने के आदेश भी दिए। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि परवाणू में दो ट्रक यूनियनों की आपसी लड़ाई में अन्य ट्रक ऑपरेटरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सितंबर 2018 में परवाणू के दो ट्रक ऑपरेटरों में विवाद उपज गया था। इसके बाद काफी निजी वाहनों, इंडस्ट्रियल यूनिट व रिहायशी इलाकों को नुकसान हुआ था। मामले पर 19 मार्च को सुनवाई होगी।
कोर्ट ने यूनियनों के ऑफिस बियरर को मामले में प्रतिवादी बनाने के आदेश भी दिए। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि परवाणू में दो ट्रक यूनियनों की आपसी लड़ाई में अन्य ट्रक ऑपरेटरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सितंबर 2018 में परवाणू के दो ट्रक ऑपरेटरों में विवाद उपज गया था। इसके बाद काफी निजी वाहनों, इंडस्ट्रियल यूनिट व रिहायशी इलाकों को नुकसान हुआ था। मामले पर 19 मार्च को सुनवाई होगी।