फॉरेस्ट गार्ड की मौत पर हाईकोर्ट का सरकार को नोटिस
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मंडी की सेरी कतांडा बीट के फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। मामले में आई मीडिया रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने घटना का संज्ञान लेते हुए करसोग में बड़े पैमाने पर वन कटान पर मुख्य सचिव सहित वन विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने मुख्य सचिव, प्रधान सचिव वन, प्रधान अरण्यपाल, डीसी व एसपी मंडी व मंडी जिला के सीएफ व डीएफओ को 27 जून तक अपना पक्ष रखने के आदेश दिए है।
हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने मीडिया में होशियार सिंह की मौत से जुड़ी खबरों पर संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने इस मामले पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। बता दें, फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत व उसकी डायरी में करसोग क्षेत्र में अवैध वन कटान से जुड़ी खबरें प्रकाशित हुई थी।
मुख्य सचिव, वन सचिव सहित वन विभाग को 27 जून को पक्ष रखने का आदेश
जिसके बाद वन विभाग की टीम ने 12 जून को होशियार सिंह की डायरी में लिखी अवैध कटान की घटनाओं पर सेरी कतांडा बीट का निरीक्षण किया था। इस दौरान यहां वन विभाग की टीम को करोड़ों की कीमत के देवदार के 68 पेड़ों के ताजे ठूंठ मिले। इसके अलावा टीम ने सड़क के नजदीक छिपाए 20 से अधिक देवदार के स्लीपर भी बरामद किए जिन्हें वन विभाग ने कब्जे में ले लिया।
इसी तरह डायरी में बताई गयी अन्य जगहों पर भी टीम ने दबिश दी और लोटरानाला के पास भी कई पेड़ों के ठूंठ बरामद किये। होशियार सिंह ने अपनी डायरी में बताया था कि बीट में कई जगह लकड़ी काटने के कटर छिपाए हुए हैं। अब मामले पर अगली सुनवाई 27 जून को होगी।