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HP High court: अदालत के आदेशों का दुरुपयोग करने पर हाईकोर्ट ने लगाया 50 हजार का जुर्माना

Sat, 17 Sep 2022 09:28 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 17 Sep 2022 09:28 PM IST
सार

प्रदेश उच्च न्यायालय ने अदालत के आदेशों का दुरुपयोग करने के लिए मैसर्स गुनाल हाइड्रो पावर कंपनी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी के आचरण को एक पुलिस अधिकारी के लिए अशोभनीय पाया है। 

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High court imposed a fine of 50 thousand for misusing the orders of the court
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने अदालत के आदेशों का दुरुपयोग करने के लिए मैसर्स गुनाल हाइड्रो पावर कंपनी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी के आचरण को एक पुलिस अधिकारी के लिए अशोभनीय पाया है। खंडपीठ ने पुलिस अधीक्षक कुल्लू को आदेश दिए कि वह उसके खिलाफ कर्तव्यों में लापरवाही और अदालत के आदेशों का दुरुपयोग करने के लिए नियमित जांच करें। अदालत ने इस संबंध में 23 नवंबर तक अनुपालना रिपोर्ट तलब की है। 

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कंपनी की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि 22 मार्च, 2022 को रायसन और बेंची गांव के कुछ ग्रामीण निर्माण स्थल पर आए और मजदूरों को पीटना शुरू कर दिया। मजदूरों के लिए बनाए गए शेड को भी ध्वस्त कर दिया गया। कंपनी ने इसकी सूचना पुलिस थाना पतलीकूहल को दी। पुलिस ने 18 अप्रैल, 2022 को प्राथमिकी दर्ज की थी। कंपनी ने श्रमिकों की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की। अदालत ने कंपनी के कथन को सत्य मानते हुए 10 मई, 2022 को प्रतिवादियों के लिए आदेश दिए कि वे निर्माण स्थल के 500 मीटर के दायरे में प्रवेश न करें।
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19 अगस्त को ग्रामीणों के परियोजना स्थल में प्रवेश करने के आरोप पर कंपनी ने पुलिस के पास एक और प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। खंडपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता और पुलिस अधिकारियों की ओर से अदालत के आदेशों का दुरुपयोग किया जा रहा था। याचिकाकर्ता के महाप्रबंधक और जांच अधिकारी इन आरोपों को साबित करने में विफल रहे है। हालांकि, 19 अगस्त को कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी, जिसके आधार पर दूसरी प्राथमिकी दर्ज की गई। 

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