फिर काम आई प्रियंका की दलील, मिली बड़ी राहत
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रियंका गांधी वाड्रा को फौरी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने राज्य सूचना आयोग के उस फैसले के अमल पर आगामी सात अगस्त तक रोक लगा दी है, जिसके तहत आयोग ने डीसी और एसडीएम शिमला को दस दिन की अवधि में वांछित सूचना उपलब्ध करवाने के आदेश दिए थे।
शिमला के छराबड़ा में प्रियंका की जमीन के बारे में यह सूचना आरटीआई कार्यकर्ता देव आशीष भट्टाचार्य ने मांगी थी। इसे देने से प्रियंका गांधी वाड्रा ने बतौर थर्ड पार्टी इंकार किया था। न्यायामूर्ति तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति पीएस राना की खंडपीठ ने प्रियंका वाड्रा की ओर से आयोग के 29 जून के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए।
कोर्ट में दी गई थी ये दलील
हाई कोर्ट के समक्ष दलील दी गई कि प्रार्थी की जान को खतरा है, उसे एसपीजी सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। उसके बारे में मांगी गई सूचना थर्ड पार्टी सूचना है और जनहित से जुड़ी नहीं है। इसे अथॉरिटी उपलब्ध करवाने के लिए कानूनन बाध्य नहीं है। प्रार्थी की ओर से दलील दी गई है कि आयोग की ओर से सूचना उपलब्ध करवाने के बारे में पारित किया गया आदेश न्यायसंगत नहीं है, इसलिए इसे रद्द किया जाए।
इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता भट्टाचार्य ने हाई कोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर रखी थी कि प्रियंका वाड्रा की ओर से आयोग के 29 जून के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से पहले उसे सुनवाई का मौका दिया जाए। अदालत ने यह आदेश दोनों पक्षों को सुनने के बाद पारित किए।