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लारजी हादसे की स्टेटस रिपोर्ट पेश, सुनवाई आज
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 25 Jun 2014 09:23 AM IST
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मंडी हादसे पर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई बुधवार के लिए टल गई। राज्य सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष पेश की। मुख्य सचिव पी. मित्रा के शपथ पत्र के साथ संलग्न इस रिपोर्ट में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ऊर्जा विभाग को यह आदेश दिए गए हैं कि वह मुख्य अभियंता के ओहदे वाले अधिकारी से इस बारे में जांच करवाए।
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जांच यह होगी कि जो परियोजनाएं सरकार द्वारा संचालित हैं, उनमें बिजली उत्पादन को कम करने के लिए कहा जाता है, जबकि निजी तौर पर स्थापित कंपनियों को उनकी निर्धारित सीमा से अधिक बिजली उत्पादन की अनुमति प्रदान की जाती है। ऊर्जा विभाग को एसएलडीसी और एनआरएलडीसी की कार्यप्रणाली की जांच करने को भी कहा गया है।
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इसके अलावा राज्य सरकार ने डिविजनल कमिश्नर मंडी द्वारा की गई सिफारिशों पर अमल करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने यह स्पष्ट तौर पर कहा है कि जब तक सभी लापता छात्रों को ढूंढ नहीं लिया जाता, तब तक तलाशी अभियान जारी रहेगा।
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सरकार ने दिया अपना जवाब
यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि अभी तक 17 छात्रों के शव बरामद हो चुके हैं और सर्च अभियान जारी हैं।
कॉलेज प्रबंधन ने भी अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखते हुए कहा कि अगर घटनास्थल पर किसी भी तरह की चेतावनी का चिन्ह या कोई सायरन वगैरह बजाया होता तो यह हादसा नहीं होता। हादसे वाली जगह को यदि देखा जाए तो वहां ऐसा कतई प्रतीत नहीं होता कि यह खतरे वाली जगह है।
बाकायदा वहां पर नदी की ओर लाइट का प्रबंधकिया गया है। मौके पर एक बड़ा ग्राउंड गाड़ी की पार्किंग के लिए और एक रास्ता नदी की ओर जाता है। कुछ देर तक सुनवाई होने के बाद मामले पर अगली सुनवाई 25 जून को होगी।