एमडी/एमएस दाखिले पर आया बड़ा फैसला
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हिमाचल में एमडी/एमएस कोर्स के दाखिले में कोताही बरतने वाले अफसरों पर प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने दाखिले पर कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।
हाई कोर्ट ने उन अधिकारियों पर जांच बैठाकर जिम्मेवारी निर्धारित करने के आदेश दिए हैं, जिन्होंने मेरिट सूची में निचले स्तर वाले उम्मीदवारों को दाखिला दिया। जल्द ही इसकी जांच पूरी करने को कहा गया है।
डा. दिशा शर्मा और डा. पंकज कटोच की तरफ से दायर याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने कहा कि निदेशक मेडिकल शिक्षा, प्रधानाचार्य आईजीएमसी और पैथोलोजी विभाग के अध्यक्ष की लापरवाही के कारण मेरिट सूची में स्थान हासिल करने के बावजूद प्रार्थियों को दाखिला नहीं मिल सका।
कोर्ट ने दी नई व्यवस्था
अदालत ने अपने निर्णय में व्यवस्था दी कि सीटें रिक्त होने की स्थिति में अगली काउंसलिंग कम से कम एक सप्ताह के बाद हो। सीटों की उपलब्धता के बारे में जानकारी कॉलेज के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर उपलब्ध हो।
अदालत ने कहा की दाखिला प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूर्ण की जाए ताकि छात्रों को इस पर सवाल उठाने की जरूरत न पड़ें। प्रधान सचिव स्वास्थ्य को जांच रिपोर्ट आगामी 31 दिसंबर तक अदालत के समक्ष पेश करनी होगी।
गौरतलब है कि दाखिले का यह मामला काफी चर्चा में रहा था। इस पर काफी सवाल खड़े किए गए थे।