विजय के माता-पिता को नहीं हादसे की खबर, बहन मुंबई के लिए रवाना
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हेलीकाप्टर हादसे की खबर से कंडरोला प्लासी पंचायत का हर शख्स लापता पायलट विजय कटोच की सलामती की प्रार्थना कर रहा है। हालांकि, विजय कटोच के माता-पिता को इस हादसे के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
जबकि, हादसे की सूचना मिलते ही विजय की बहन और बहनोई मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं। हादसे के तीन दिन बाद सोमवार को अमर उजाला की टीम गांव अमलैहड़ू स्थित विजय के घर पर पहुंची तो माता-पिता रोजाना की तरह अपने रोजमर्रा के कार्य में व्यस्त थे।
माना जा रहा है कि विजय की बहन ने अपने रिश्तेदारों से कहा है कि भाई के लापता होने की सूचना उनके बुजुर्ग माता-पिता को न दी जाए। कुछ जानकारी मिलने के बाद ही वह सोच-समझकर परिजनों को इसके बारे में सूचना देंगी।
विजय के बहनोई भारतीय सेना में कर्नल हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। विजय का परिवार मुंबई में ही रहता है। पत्नी पूनम कटोच एक शिक्षण संस्थान में प्रोफेसर हैं, जबकि बड़ी बेटी अंबिका कटोच एडवोकेट है और छोटी बेटी आंचल कटोच पढ़ाई कर रही है।
आर्मी में सेवाएं देने के बाद पवन हंस एयर सर्विस को किया ज्वाइन
विजय के चाचा सूबेदार मेजर भीषम चंद कटोच और चचेरे भाई अशोक कटोच ने बताया कि विजय से आखिरी बार 3 जनवरी को बात हुई थी। फोन पर एक घंटा हुई बातचीत में वह काफी खुश लग रहा था।
विजय ने प्राथमिक पाठशाला रैल से पढ़ाई की है। साल 1973 में उनका सैनिक स्कूल कपूरथला में चयन हो गया। दिसंबर 1985 में सेना में कमीशन लिया और लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए। 2006 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने पवन हंस एयर सर्विस को ज्वाइन कर लिया।
बीते दिन पायलट विजय ने मुंबई से अपने हेलिकाप्टर में ओएनजीसी के पांच अधिकारियों को लेकर उड़ान भरी। लेकिन कुछ देर के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया।
तलाशी अभियान के तीन घंटे बाद हेलिकाप्टर कर मलबा समुद्र में मिला। हादसे में मारे गए पांच कंपनी के अधिकारियों के शव बरामद कर लिए गए। लेकिन पायलट विजय कटोच और एक अन्य पायलट अभी तक लापता हैं।