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उत्तराखंड के चमोली में लापता जीत सिंह के भाई ने रेस्क्यू ऑपरेशन पर उठाए सवाल
Mon, 22 Feb 2021 11:25 AM IST
अरविन्द ठाकुर
सुरेश तोमर, अमर उजाला नेटवर्क, पांवटा साहिब (सिरमौर)
सुरेश तोमर, अमर उजाला नेटवर्क, पांवटा साहिब (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 22 Feb 2021 11:25 AM IST
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रेस्क्यू अभियान
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में बीते 15 दिन पहले आई आपदा में लापता लोगों के परिजन रेस्क्यू अभियान धीमा चलने से नाराज हैं। उन्होंने रेस्क्यू अभियान को और तेज करने की मांग की है। इसके लिए एनटीपीसी और उत्तराखंड सरकार से कोई ठोस योजना बनाने की मांग की है। गौरतलब है कि सात फरवरी को उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदादेवी ग्लेशियर टूटने से ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गया था।
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इसमें लापता हुए सैकड़ों लोगों में हिमाचल के लोग भी शामिल हैं। लापता डीजीएम जीत सिंह ठाकुर के छोटे भाई माजरा मेलियों निवासी घनश्याम ठाकुर समेत उनके परिजन प्रोजेक्ट स्थल पर डटे हैं। घनश्याम ने कहा कि रेस्क्यू अभियान काफी धीमा है। राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड के पास कोई ठोस योजना नहीं है। टनल में रेस्क्यू के लिए पर्याप्त मशीनें नहीं हैं।
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एनटीपीसी के डीएम-एएम समेत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से योजना के बारे में पूछने पर ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। आपदा के दौरान उनके बड़े भाई टनल में फंसे हैं। सामान्य स्तर पर रेस्क्यू अभियान चल रहा है। करीब 280 मीटर लंबी टनल है। इतने दिनों से करीब 160 मीटर तक ही पहुंच सके हैं। इससे रेस्क्यू में लंबा समय लग सकता है।
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उधर, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उत्तराखंड भेजे गए पांवटा के एसडीएम एलआर वर्मा ने बताया कि शनिवार को भी तपोवन क्षेत्र में 5 शव मिले हैं। लापता लोगों के परिजनों से इनकी शिनाख्त करवाई जाएगी। रेस्क्यू अभियान काफी संवेदनशील है। शुरुआती दौर में आईटीबीपी ने झील के समीप अभियान चलाया था। अब एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।