चौपट हो गई टमाटर की फसल, ऐसे करें बचाव
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हिमाचल में मूसलाधार बारिश से हजारों हेक्टेयर में खड़ी टमाटर की फसल चौपट हो गई है। सोलन, सिरमौर और चंबा जिले में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। टमाटर को काला धब्बा रोग ने जकड़ लिया है जिससे फसल पौधे से चटककर झड़ रही है।
सिरमौर जिले में 100 करोड़ से अधिक की कैश क्राप टमाटर की फसल भी ब्लाइट रोग की चपेट में है। 75 पंचायतों में 20 से 25 प्रतिशत टमाटर की फसल खेतों में ही खराब हो गई है। पच्छाद में 30, शिलाई में 29 और रेणुका में 16 पंचायतें ज्यादा प्रभावित हुई हैं।
सोलन में ढाई हजार हेक्टेयर में फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है। जिले के पांच हजार किसानों को दस करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, चंबा जिले में करीब डेढ़ सौ हेक्टेयर में टमाटर की फसल बर्बाद हो गई है। हालांकि मंडी में आंशिक नुकसान हुआ है।
ऐसे करें बचाव
जिला मंडी में 827 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती हुई है। बारिश से यहां फसल को 2 से 3 फीसदी का मामूली नुकसान हुआ है। इन दिनों बल्ह क्षेत्र से प्रतिदिन डेढ़ सौ गाड़ियां टमाटर लेकर दिल्ली, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा जा रही हैं।
बिलासपुर में 63 लाख के नुकसान की आशंका
बिलासपुर। बिलासपुर में 63 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिला में लगभग 800 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती की जाती है। शिमला मिर्च, कद्दू, घीया और भिंडी की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
ऐसे करें बचाव
किसान सबसे पहले बीमारी से ग्रसित पौधे के निचले हिस्से के गले-सड़े पत्ते और खराब हो चुके टमाटर को निकालकर दूर फेंक दें। फिर पौधे में रीडोफिल दवा का छिड़काव करें। यह दवा महंगी है। जो किसान इसे नहीं खरीद सकते, वे इंडोसिन-एम-45 दवा 2 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से खेतों में छिड़काव करें।- डा. टीआर नंदा, सब्जी विशेषज्ञ, पर्वतीय अनुसंधान केंद्र धौलाकुआं