10-15 हजार में यहां होगा हार्ट ब्लॉकेज का इलाज
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टांडा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में पहली बार हार्ट की ब्लॉकेज का इलाज होगा। पहले मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ जाना पड़ता था। टांडा में इस इलाज की सुविधा अक्तूबर माह से मिलना शुरू होगी। हार्ट की ब्लॉकेज बीमारी का इलाज इलेक्ट्रोनिक फिलॉजी टेक्नॉलाजी की सुविधा से मिलेगा।
इस नई तकनीक के माध्यम से सिरिंज के माध्यम से हार्ट की ब्लॉकेजठीक की जाएगी। टांडा में इस तकनीक का सबसे ज्यादा फायदा यह होगा कि आसपास के क्षेत्रों में अगर किसी को हार्ट अटैक भी आता है तो मरीज का टांडा में तुरंत इलाज होगा। निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से मरीजों को छुटकारा मिलेगा।
वहीं, गरीब मरीज बेमौत नहीं मारे जाएंगे। टांडा में इस तकनीक के माध्यम से उपचार का खर्चा 10 से 15 हजार में होगा। हेल्थ कार्ड पर बीपीएल परिवारों के सदस्य का इलाज मुफ्त हो जाएगा।टांडा इस सुविधा के मिलने से कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा, मंडी जिलों के मरीज लाभान्वित होंगे।
ओपीडी में पहुंचते 200 मरीज चेकअप को
टीएमसी में हर रोज हार्ट की बीमारी से पीड़ित 150 से 200 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से दस से 15 मरीजों को हार्ट ब्लॉकेज की वजह से परेशानी होती है। इसके अलावा अन्य मरीजों को हार्ट सर्जरी की भी जरूरत होती है।
कम खर्च पर हो जाएगा हार्ट का इलाज
बाहरी राज्यों में इलेक्ट्रोनिक फिलॉजी टेक्नॉलाजी से इलाज करवाने पर 40 से 50 हजार रुपये इलाज पर खर्च करवाने पड़ते हैं। टीमसी में सस्ती दरों पर भी ब्लॉकेज खुल जाएगी।
प्रदेश में इलेक्ट्रोनिक फिलॉजी टेक्नॉलाजी सुविधा न होने पर सैकड़ों मरीज उपचार करवाने से पहले ही दम तोड़ चुके हैं। टीएमसी के सूत्रों के अनुसार समय पर इलाज न मिलने के कारण हर साल दर्जनों मरीज दम तोड़ते हैं। अब समय पर उपचार होने से सुविधा मिलेगी।
टीएमसी के प्राचार्य डा. अनिल चौहान ने कहा कि टांडा में इलेक्ट्रानिक फिलॉजी तकनीक इसी महीने शुरू की जा रही है। हृदय रोगियों को इसका काफी लाभ होगा।