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वार्ड पुनर्सीमांकन पर दो घंटे चली सुनवाई, फैसला जल्द
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hearing on dlemitation matter
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दोनों पूर्व पार्षदों की ओर से रखा गया पक्ष
पार्षदों ने जिला प्रशासन के फैसले को गलत बताया
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में वार्ड पुनर्सीमांकन के मामले में सोमवार को मंडलीय आयुक्त कार्यालय में सुनवाई हुई। शाम 4:00 बजे से करीब दो घंटे चली इस सुनवाई के दौरान नाभा और समरहिल वार्ड के पूर्व पार्षदों ने मंडलीय आयुक्त प्रियतु मंडल के सामने वार्ड पुनर्सीमांकन के जिला प्रशासन के फैसले को गलत बताया।
सबसे पहले नाभा वार्ड से पार्षद रही सिमी नंदा ने कहा कि प्रशासन ने पहले गलत तरीके से उनके वार्ड का क्षेत्र काटकर दूसरे वार्ड में मिला दिया। इससे नाभा वार्ड छोटा हो गया है। कहा कि प्रदेश हाईकोर्ट ने दोबारा जिला प्रशासन को पुनर्सीमांकन पर सुनवाई के आदेश दिए थे। लेकिन प्रशासन ने पुराना फैसला ही सुना दिया। प्रशासन ने वार्डों के पुनर्सीमांकन और फील्ड रिपोर्ट के लिए एसडीएम को जिम्मा सौंपा था जो नियमानुसार गलत है। दूसरी ओर समरहिल वार्ड से पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर की ओर से उनके अधिवक्ता ने पक्ष रखा। कहा कि एक बाजार एक ही वार्ड का हिस्सा होना चाहिए लेकिन बालूगंज बाजार अभी दो वार्डों में बांटा गया है। इसे एक ही बालूगंज वार्ड में शामिल किया जाना चाहिए।
कोर्ट के आदेशों का पालन होना चाहिए। यदि फैसले में बदलाव न हुआ तो उनके पास हाईकोर्ट जाने का विकल्प है। शाम 6:00 बजे तक सुनवाई पूरी हुई। माना जा रहा है कि इसी हफ्ते शुक्रवार तक इस पर फैसला आ सकता है। गौरतलब है कि इन दो वार्डों के पुनर्सीमांकन के विवाद के चलते शहर में नगर निगम के चुनाव लटके हुए हैं। 17 जून को नगर निगम का कार्यकाल पूरा हो चुका है। सरकार ने चुनाव से पहले शहर में वार्डों की संख्या 34 से बढ़ाकर 41 की थी जिनमें से दो वार्डों के पुनर्सीमांकन पर पूर्व पार्षदों ने आपत्तियां जताई है।
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दोनों पक्षों को सुना गया है : आयुक्त
मंडलीय आयुक्त प्रियतु मंडल ने कहा कि वार्ड पुनर्सीमांकन मामले में दोनों वार्डों के पार्षदों की आपत्तियों और पक्षों को सुना गया है। जल्द ही इस पर फैसला सुनाया जाएगा।
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पार्षदों ने जिला प्रशासन के फैसले को गलत बताया
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में वार्ड पुनर्सीमांकन के मामले में सोमवार को मंडलीय आयुक्त कार्यालय में सुनवाई हुई। शाम 4:00 बजे से करीब दो घंटे चली इस सुनवाई के दौरान नाभा और समरहिल वार्ड के पूर्व पार्षदों ने मंडलीय आयुक्त प्रियतु मंडल के सामने वार्ड पुनर्सीमांकन के जिला प्रशासन के फैसले को गलत बताया।
सबसे पहले नाभा वार्ड से पार्षद रही सिमी नंदा ने कहा कि प्रशासन ने पहले गलत तरीके से उनके वार्ड का क्षेत्र काटकर दूसरे वार्ड में मिला दिया। इससे नाभा वार्ड छोटा हो गया है। कहा कि प्रदेश हाईकोर्ट ने दोबारा जिला प्रशासन को पुनर्सीमांकन पर सुनवाई के आदेश दिए थे। लेकिन प्रशासन ने पुराना फैसला ही सुना दिया। प्रशासन ने वार्डों के पुनर्सीमांकन और फील्ड रिपोर्ट के लिए एसडीएम को जिम्मा सौंपा था जो नियमानुसार गलत है। दूसरी ओर समरहिल वार्ड से पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर की ओर से उनके अधिवक्ता ने पक्ष रखा। कहा कि एक बाजार एक ही वार्ड का हिस्सा होना चाहिए लेकिन बालूगंज बाजार अभी दो वार्डों में बांटा गया है। इसे एक ही बालूगंज वार्ड में शामिल किया जाना चाहिए।
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कोर्ट के आदेशों का पालन होना चाहिए। यदि फैसले में बदलाव न हुआ तो उनके पास हाईकोर्ट जाने का विकल्प है। शाम 6:00 बजे तक सुनवाई पूरी हुई। माना जा रहा है कि इसी हफ्ते शुक्रवार तक इस पर फैसला आ सकता है। गौरतलब है कि इन दो वार्डों के पुनर्सीमांकन के विवाद के चलते शहर में नगर निगम के चुनाव लटके हुए हैं। 17 जून को नगर निगम का कार्यकाल पूरा हो चुका है। सरकार ने चुनाव से पहले शहर में वार्डों की संख्या 34 से बढ़ाकर 41 की थी जिनमें से दो वार्डों के पुनर्सीमांकन पर पूर्व पार्षदों ने आपत्तियां जताई है।
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दोनों पक्षों को सुना गया है : आयुक्त
मंडलीय आयुक्त प्रियतु मंडल ने कहा कि वार्ड पुनर्सीमांकन मामले में दोनों वार्डों के पार्षदों की आपत्तियों और पक्षों को सुना गया है। जल्द ही इस पर फैसला सुनाया जाएगा।