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Shimla News: आईजीएमसी में परेशानी, केएनएच में वापस शिफ्ट हो गायनी ओपीडी
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अप्रैल में केएनएच से आईजीएमसी में शिफ्ट हुई थी गायनी ओपीडी
महिलाएं निर्णय के विरोध में सरकार के खिलाफ कई बार कर चुकी हैं नारेबाजी
दवाइयों की भी बाहर से करनी पड़ रही खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में चल रही गायनी ओपीडी में महिलाओं को परेशानी हो रही है। ऐसे में महिलाएं ओपीडी को कमला नेहरू अस्पताल में वापस शिफ्ट करने की मांग कर रही हैं। हालांकि, सुपर स्पेशलिटी सेवाएं चमियाना शिफ्ट होने के बाद आईजीएमसी में और खाली जगह होने की बात कही गई है।
साथ ही खाली जगह में गायनी ओपीडी सुविधा देने के बारे में कहा है लेकिन महिलाओं ने इसका विरोध किया है। वहीं, आईजीएमसी में दवाइयों की भी महिलाएं बाहर से खरीद कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि कमला नेहरू अस्पताल में उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलती आई हैं। ऐसे में गायनी ओपीडी को वापस केएनएच में ही शिफ्ट कर दिया जाए ताकि दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
गायनी और ओबीजी दोनों विभाग एक-दूसरे के पूरक हैं। अगर किसी गर्भवती महिला को गायनी की दिक्कत आती है तो वह तुरंत साथ ही ओपीडी में जांच करवा लेती थी लेकिन जब से आईजीएमसी में ओपीडी को शिफ्ट किया गया है तब से कभी आईजीएमसी तो कभी केएनएच के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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बता दें कि अप्रैल में केएनएच से आईजीएमसी में गायनी ओपीडी को शिफ्ट किया गया था। इसके बाद से लगातार महिलाएं विरोध कर रही हैं। समिति की ओर से न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया है। न्यायालय से भी मांग की है कि जल्द ही गायनी ओपीडी को वापस केएनएच में शिफ्ट करने के आदेश दिए जाएं। वहीं, ओपीडी शिफ्ट करने के विरोध में कई बार महिलाएं सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर चुकी हैं।
इनसेट
ओबीजी ओपीडी की ओपीडी में 100 से 130 मरीज
कमला नेहरू अस्पताल में वर्तमान में मातृ एवं शिशु अस्पताल ही चल रहा है। ओबीजी ओपीडी में भी रोजाना 100 से 130 गर्भवती महिलाएं उपचार और फॉलोअप के लिए पहुंच रही हैं। इसके अलावा इंडोर में प्रसूता महिलाएं भी भर्ती रहती हैं। अस्पताल में आने वाली महिलाओं को हिम केयर और आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा टेस्ट भी मुफ्त हो रहे हैं।
इनसेट
महिलाओं को केएनएच और आईजीएमसी के लगाने पड़ रहे चक्कर
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की सचिव फालमा चौहान ने कहा कि केएनएच में विधायकों के आवास भले ही नहीं बनेंगे लेकिन आईजीएमसी से गायनी ओपीडी को भी वापस लाना होना। वर्तमान में महिलाएं केएनएच और आईजीएमसी के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। आईजीएमसी में सुविधाएं कम हैं। केएनएच विशेष तौर पर महिलाओं के लिए ही अस्पताल है। सरकार को यहां पर सुविधाओं को और बेहतर करना चाहिए। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा को केएनएच में ही दिया जाना चाहिए।
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महिलाएं निर्णय के विरोध में सरकार के खिलाफ कई बार कर चुकी हैं नारेबाजी
दवाइयों की भी बाहर से करनी पड़ रही खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में चल रही गायनी ओपीडी में महिलाओं को परेशानी हो रही है। ऐसे में महिलाएं ओपीडी को कमला नेहरू अस्पताल में वापस शिफ्ट करने की मांग कर रही हैं। हालांकि, सुपर स्पेशलिटी सेवाएं चमियाना शिफ्ट होने के बाद आईजीएमसी में और खाली जगह होने की बात कही गई है।
साथ ही खाली जगह में गायनी ओपीडी सुविधा देने के बारे में कहा है लेकिन महिलाओं ने इसका विरोध किया है। वहीं, आईजीएमसी में दवाइयों की भी महिलाएं बाहर से खरीद कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि कमला नेहरू अस्पताल में उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलती आई हैं। ऐसे में गायनी ओपीडी को वापस केएनएच में ही शिफ्ट कर दिया जाए ताकि दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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गायनी और ओबीजी दोनों विभाग एक-दूसरे के पूरक हैं। अगर किसी गर्भवती महिला को गायनी की दिक्कत आती है तो वह तुरंत साथ ही ओपीडी में जांच करवा लेती थी लेकिन जब से आईजीएमसी में ओपीडी को शिफ्ट किया गया है तब से कभी आईजीएमसी तो कभी केएनएच के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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बता दें कि अप्रैल में केएनएच से आईजीएमसी में गायनी ओपीडी को शिफ्ट किया गया था। इसके बाद से लगातार महिलाएं विरोध कर रही हैं। समिति की ओर से न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया है। न्यायालय से भी मांग की है कि जल्द ही गायनी ओपीडी को वापस केएनएच में शिफ्ट करने के आदेश दिए जाएं। वहीं, ओपीडी शिफ्ट करने के विरोध में कई बार महिलाएं सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर चुकी हैं।
इनसेट
ओबीजी ओपीडी की ओपीडी में 100 से 130 मरीज
कमला नेहरू अस्पताल में वर्तमान में मातृ एवं शिशु अस्पताल ही चल रहा है। ओबीजी ओपीडी में भी रोजाना 100 से 130 गर्भवती महिलाएं उपचार और फॉलोअप के लिए पहुंच रही हैं। इसके अलावा इंडोर में प्रसूता महिलाएं भी भर्ती रहती हैं। अस्पताल में आने वाली महिलाओं को हिम केयर और आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा टेस्ट भी मुफ्त हो रहे हैं।
इनसेट
महिलाओं को केएनएच और आईजीएमसी के लगाने पड़ रहे चक्कर
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की सचिव फालमा चौहान ने कहा कि केएनएच में विधायकों के आवास भले ही नहीं बनेंगे लेकिन आईजीएमसी से गायनी ओपीडी को भी वापस लाना होना। वर्तमान में महिलाएं केएनएच और आईजीएमसी के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। आईजीएमसी में सुविधाएं कम हैं। केएनएच विशेष तौर पर महिलाओं के लिए ही अस्पताल है। सरकार को यहां पर सुविधाओं को और बेहतर करना चाहिए। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा को केएनएच में ही दिया जाना चाहिए।