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मरीजों को राहत : आईजीएमसी के बी ब्लॉक में शिफ्ट होगा पल्मोनरी फीमेल वार्ड
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बी ब्लॉक से काडियो और सीटीवीएस विभाग को चमियाना शिफ्ट करने के बाद होगा स्थानांतरण
वर्तमान में वार्ड अस्थायी कोविड-केयर सेंटर में हो रहा संचालित, सीलन से मरीज हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में पल्मोनरी फीमेल वार्ड को बी ब्लाॅक में स्थानांतरित किया जाएगा। वर्तमान में यह वार्ड अस्थायी कोविड-केयर सेंटर में संचालित हो रहा है, जहां दीवारों और फर्श पर सीलन और नमी के कारण मरीजों को असुविधा हो रही है। आईजीएमसी से कार्डियो और सीटीवीएस विभाग बी ब्लॉक से पूरी तरह चमियाना शिफ्ट होने के बाद पल्मोनरी फीमेल वार्ड स्थानांतरण किया जाएगा।
पल्मोनरी फीमेल वार्ड में मुख्य रूप से फेफड़ों और श्वसन तंत्र से संबंधित बीमारियों वाली महिला मरीजें भर्ती होती हैं। यहां दमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, निमोनिया, टीबी और अन्य श्वसन संक्रमणों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट या अन्य श्वसन सहायता दी जाती है। वार्ड में भर्ती महिलाओं की उम्र भिन्न‑भिन्न होती है, कुछ बुजुर्ग हैं जिन्हें लंबी अवधि का इलाज चाहिए, जबकि कुछ युवा मरीज भी होती हैं। नमी और सीलन जैसी समस्याओं से उनकी तकलीफ बढ़ जाती है। यहां उन्हें नियमित दवा, शुद्ध हवा, पर्याप्त आराम और पोषण संबंधी देखभाल उपलब्ध कराई जाती है ताकि उनकी रिकवरी बेहतर हो सके।
आईजीएमसी के बी ब्लॉक में स्थानांतरण के बाद मरीजों को बेहतर और नियंत्रित वातावरण मिलेगा। यहां का वातावरण अपेक्षाकृत सूखा और साफ होगा, जिससे मरीजों को सांस लेने में आसानी होगी और उनकी रिकवरी में तेजी आएगी। स्थानांतरण से अस्पताल के कर्मचारियों को भी वार्ड संचालन में आसानी होगी और सफाई तथा संक्रमण नियंत्रण के लिए बेहतर प्रबंध किए जा सकेंगे। मरीजों को न केवल सीलन से राहत मिलेगी, बल्कि अस्पताल की समग्र व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित होगी।
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पल्मोनरी फीमेल वार्ड में स्थानांतरण के साथ-साथ बेड की संख्या और अन्य सुविधाओं में भी सुधार करने की योजना बनाई जा रही है। इससे वार्ड में भर्ती मरीजों को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक इलाज मिलेगा। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य है कि मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो। आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि कोविड-केयर सेंटर की मरम्मत की जाएगी और इसके लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
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वर्तमान में वार्ड अस्थायी कोविड-केयर सेंटर में हो रहा संचालित, सीलन से मरीज हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में पल्मोनरी फीमेल वार्ड को बी ब्लाॅक में स्थानांतरित किया जाएगा। वर्तमान में यह वार्ड अस्थायी कोविड-केयर सेंटर में संचालित हो रहा है, जहां दीवारों और फर्श पर सीलन और नमी के कारण मरीजों को असुविधा हो रही है। आईजीएमसी से कार्डियो और सीटीवीएस विभाग बी ब्लॉक से पूरी तरह चमियाना शिफ्ट होने के बाद पल्मोनरी फीमेल वार्ड स्थानांतरण किया जाएगा।
पल्मोनरी फीमेल वार्ड में मुख्य रूप से फेफड़ों और श्वसन तंत्र से संबंधित बीमारियों वाली महिला मरीजें भर्ती होती हैं। यहां दमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, निमोनिया, टीबी और अन्य श्वसन संक्रमणों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट या अन्य श्वसन सहायता दी जाती है। वार्ड में भर्ती महिलाओं की उम्र भिन्न‑भिन्न होती है, कुछ बुजुर्ग हैं जिन्हें लंबी अवधि का इलाज चाहिए, जबकि कुछ युवा मरीज भी होती हैं। नमी और सीलन जैसी समस्याओं से उनकी तकलीफ बढ़ जाती है। यहां उन्हें नियमित दवा, शुद्ध हवा, पर्याप्त आराम और पोषण संबंधी देखभाल उपलब्ध कराई जाती है ताकि उनकी रिकवरी बेहतर हो सके।
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आईजीएमसी के बी ब्लॉक में स्थानांतरण के बाद मरीजों को बेहतर और नियंत्रित वातावरण मिलेगा। यहां का वातावरण अपेक्षाकृत सूखा और साफ होगा, जिससे मरीजों को सांस लेने में आसानी होगी और उनकी रिकवरी में तेजी आएगी। स्थानांतरण से अस्पताल के कर्मचारियों को भी वार्ड संचालन में आसानी होगी और सफाई तथा संक्रमण नियंत्रण के लिए बेहतर प्रबंध किए जा सकेंगे। मरीजों को न केवल सीलन से राहत मिलेगी, बल्कि अस्पताल की समग्र व्यवस्था भी सुचारु रूप से संचालित होगी।
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पल्मोनरी फीमेल वार्ड में स्थानांतरण के साथ-साथ बेड की संख्या और अन्य सुविधाओं में भी सुधार करने की योजना बनाई जा रही है। इससे वार्ड में भर्ती मरीजों को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक इलाज मिलेगा। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य है कि मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो। आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि कोविड-केयर सेंटर की मरम्मत की जाएगी और इसके लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं।