{"_id":"6aa010af15f324994504a134","slug":"health-news-igmc-shimla-news-c-19-sml1002-783552-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: एंडोस्कोपी से दाे साल की बच्ची के पेट से बाहर निकाला हेयर क्लिप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: एंडोस्कोपी से दाे साल की बच्ची के पेट से बाहर निकाला हेयर क्लिप
विज्ञापन
पेट में लगातार दर्द और बार-बार उल्टी होने पर बच्ची को आईजीएमसी लाए थे परिजन
पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ डॉ. श्रुति शर्मा ने निकाला हेयर क्लिप
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में दो साल की बच्ची के पेट से पांच सेंटीमीटर का हेयर क्लिप निकालने में सफलता मिली है। पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ डॉ. श्रुति शर्मा ने यह कामयाबी हासिल की है। खास बात यह है कि जटिल प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 15 मिनट लगे। बच्ची के पेट से एंडोस्कोपी की सहायता से हेयर क्लिप निकाला गया। अब बच्ची खतरे से बाहर है। इसे देखते हुए बच्ची को चिकित्सकों ने छुट्टी कर दी है। खलीनी में रहने वाले परिजन दो सितंबर को बच्ची के पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद आईजीएमसी पहुंचे थे। पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ के पास जांच करवाई गई। इस दौरान बच्ची के टेस्ट और एक्सरे करवाए गए। एक्सरे में सामने आया कि बच्ची के पेट में पांच सेंटीमीटर की पिन है। विशेषज्ञ ने इसे शरीर से तुरंत बाहर निकालने की योजना तैयार की। एंडोस्कोपी की मदद ली गई। विशेषज्ञ के अनुसार कम उम्र के बच्चे में पांच सेंटीमीटर की वस्तु पेट में फंसने से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है लेकिन परिजनों की सूझबूझ से बच्ची को जल्दी अस्पताल पहुंचाने से जान को सुरक्षित किया । वहीं, आमतौर पर जटिल प्रक्रिया या इस प्रकार की पिन निकालने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है लेकिन चिकित्सक ने केवल एंडोस्कोपी के माध्यम से क्लिप को बाहर निकाला है।
कोट...
दो साल की बच्ची के पेट से हेयर क्लिप को बाहर निकाला गया है। एंडोस्कोपी के माध्यम से प्रक्रिया को पूरा किया गया है। 15 मिनट में बच्ची के पेट से क्लिप को निकाला गया। अब बच्ची सुरक्षित है। बच्ची में इस प्रकार का पहला मामला सामने आया था। -डॉ. श्रुति शर्मा, विशेषज्ञ, पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग
विज्ञापन
पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ डॉ. श्रुति शर्मा ने निकाला हेयर क्लिप
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में दो साल की बच्ची के पेट से पांच सेंटीमीटर का हेयर क्लिप निकालने में सफलता मिली है। पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग की विशेषज्ञ डॉ. श्रुति शर्मा ने यह कामयाबी हासिल की है। खास बात यह है कि जटिल प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 15 मिनट लगे। बच्ची के पेट से एंडोस्कोपी की सहायता से हेयर क्लिप निकाला गया। अब बच्ची खतरे से बाहर है। इसे देखते हुए बच्ची को चिकित्सकों ने छुट्टी कर दी है। खलीनी में रहने वाले परिजन दो सितंबर को बच्ची के पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद आईजीएमसी पहुंचे थे। पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ के पास जांच करवाई गई। इस दौरान बच्ची के टेस्ट और एक्सरे करवाए गए। एक्सरे में सामने आया कि बच्ची के पेट में पांच सेंटीमीटर की पिन है। विशेषज्ञ ने इसे शरीर से तुरंत बाहर निकालने की योजना तैयार की। एंडोस्कोपी की मदद ली गई। विशेषज्ञ के अनुसार कम उम्र के बच्चे में पांच सेंटीमीटर की वस्तु पेट में फंसने से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है लेकिन परिजनों की सूझबूझ से बच्ची को जल्दी अस्पताल पहुंचाने से जान को सुरक्षित किया । वहीं, आमतौर पर जटिल प्रक्रिया या इस प्रकार की पिन निकालने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है लेकिन चिकित्सक ने केवल एंडोस्कोपी के माध्यम से क्लिप को बाहर निकाला है।
कोट...
दो साल की बच्ची के पेट से हेयर क्लिप को बाहर निकाला गया है। एंडोस्कोपी के माध्यम से प्रक्रिया को पूरा किया गया है। 15 मिनट में बच्ची के पेट से क्लिप को निकाला गया। अब बच्ची सुरक्षित है। बच्ची में इस प्रकार का पहला मामला सामने आया था। -डॉ. श्रुति शर्मा, विशेषज्ञ, पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग
विज्ञापन