चिकित्सकों की कमी चार महीने में नहीं आई : विपिन परमार
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स्वास्थ्य मंत्री ने हिमाचल में डॉक्टरों की कमी को लेकर बयान दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने टांडा अस्पताल पहुंचकर नगरोटा सूरियां में एलपीजी सिलेंडर फटने से घायल हुए लोगों का कुशलक्षेम जाना।
उन्होंने कहा कि मृतक फौजी राम व कैंथू राम के परिजनों को सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस दौरान अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि नगरोटा सूरियां अस्पताल में डाक्टर के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा।
चिकित्सकों की कमी सरकार बनने के बाद चार महीनों में नहीं आई है। यह कमी पहले से है और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार सूबे में चिकित्सकों की कमी को पूरा कर रही है। इसी कड़ी में पिछले चार महीनों में 262 डाक्टरों नियुक्त किए हैं, जल्द ही डाक्टरों के 200 और पद भरने जा रहे हैं।
सभी घायलों को फौरी राहत के तौर पर प्रशासन ने धनराशि उपलब्ध करवाई
आंशिक तौर पर घायल एक व्यक्ति को उपचार के उपरांत अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक व्यक्ति पठानकोट अस्पताल में उपचाराधीन है। 19 लोग टांडा में उपचाराधीन हैं। सभी घायलों को फौरी राहत के तौर पर प्रशासन ने धनराशि उपलब्ध करवाई है।
इस अवसर पर उपायुक्त संदीप कुमार, पुलिस अधीक्षक संतोष पटियाल, डा. भारती, डा. भानु अवस्थी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरएस राणा, तनु भारती, अंकुर कटोच, भाजपा आईटी सैल महामंत्री सुखदेव आदि मौजूद रहे।
नगरोटा सूरियां सीएचसी में एक भी चिकित्सक की मौजूदगी न होने से घायलों को हुई परेशानी के बारे में पूछे गए सवाल पर परमार ने कहा कि घायलों के परिजनों ने भी उन्हें बताया था कि नगरोटा सूरियां सीएचसी में मौके पर कोई चिकित्सक नहीं था।
सीएचसी में चिकित्सकों के दो पद स्वीकृत हैं। इनमें से एक कोर्ट केस के स्टे पर है जबकि दूसरे किसी कार्य की वजह से अन्यंत्र थे।