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भाजपा नड्डा से पूछे, एम्स स्थापना में क्यों हो रही देरी: कौल सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 22 Jun 2017 09:13 AM IST
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता एम्स की स्थापना में देरी की बात कहकर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि केंद्र ने अभी इसकी अधिसूचना जारी नहीं की है। भाजपा को नड्डा से पूछना चाहिए कि एम्स की स्थापना में क्यों देरी हो रही है?
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तीन बार मामले को केंद्र से उठाया, लेकिन आगे नहीं बढ़ा। कहा कि भाजपा नेता बार-बार बिलासपुर में बनने वाले एम्स के नाम पर हो-हल्ला कर लापरवाही का ठीकरा सरकार के सिर फोड़ना की नाकाम कोशिश करने में लगे हैं। कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2015-16 के बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी।
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राज्य सरकार ने 6 अप्रैल, 2016 को 681.09 बीघा भूमि चिन्हित कर स्वास्थ्य विभाग के नाम की। 24 अप्रैल, 2016 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सूचित किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आग्रह पर सरकार ने बिलासपुर के कोठीपुरा में भूमि का पता लगाया।
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कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 30 नवंबर, 2015, 15 जनवरी, 2016 और 5 फरवरी, 2016 को तीन बार निजी तौर पर मामला प्रधानमंत्री से उठाया, लेकिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से अभी तक कोई भी जवाब नहीं मिला है। कौल बोले - यह कहना गलत है कि सरकार एम्स की स्थापना में देरी कर रही है।
राज्य सरकार ने भूमि के चयन तथा हस्तांतरण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अब वन स्वीकृति लेना एजेंसी पर निर्भर करता है। कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से वित्तीय सहायता लिए बगैर एम्स की योजना तैयार कर ली है।
इसके लिए 7,70,554 रुपये की राशि जारी करने के लिए 17 जुलाई, 2015 को भारत सरकार से आग्रह किया है। कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से राज्य सरकार को 19 जुलाई, 2016 को हिमाचल में एम्स की स्थापना को महज भूमि चिन्हित करने की सूचना मिली है।