Coronavirus: घर-घर जाकर प्राप्त की 41 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी
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हिमाचल सरकार ने राज्य की आधे से ज्यादा आबादी का स्वास्थ्य विवरण जुटाने का दावा किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में शुरू सक्रिय मामला खोज अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता की ओर से घर-घर जाकर 41 लाख व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सर्जिकल मास्क, हैंड सैनिटाइजर देने के पर्याप्त प्रबंध किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत मंगलवार को शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने तब्लीगी जमात के कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों के नजदीकी लोगों का पता लगाने के लिए बड़ा अभियान आरंभ करने के निर्देश दिए, जिससे यह वायरस आगे न फैल सके। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों को चिकित्सा जांच करवाने तक क्वारंटीन में रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपने क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रा का ब्योरा छिपाने वाले व्यक्तियों व उन्हें आश्रय देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला सोलन के बद्दी क्षेत्र में स्थित ईएसआई अस्पताल को कोविड-19 के पॉजीटिव रोगियों की चिकित्सा के लिए अधिसूचित किया है। इस अस्पताल में सोलन और सिरमौर जिलों के रोगियों को चिकित्सा प्रदान की जाएगी।
कर्फ्यू के दौरान कोई कोताही नहीं बरती जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। वाहनों की आवाजाही को भी सीमित किया जाना चाहिए। यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि लोग कर्फ्यू में दी ढील के दौरान जरूरी घरों से बाहर न निकलें। जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरी वस्तुओं को कर्फ्यू में ढील के दौरान उपलब्ध करवाया जाए, जिससे लोगों को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ दिया जाएगा, जिससे लोगों को जरूरी वस्तुओं के लिए घरों से बाहर न आना पड़े। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया।
कचरे में कोविड-19 का लेबल लगाना होगा
हिमाचल प्रदेश में कोरोना मरीजों के वार्ड से एकत्र कचरे में कोविड-19 का लेबल लगाना होगा। अलग कलर कोडेड बिन, बैग और कंटेनर में ही कोविड-19 वार्डों का जैविक कचरा रखा जाएगा। इसके लिए जैविक कचरा प्रबंधन नियमों के हिसाब से इसे अलग रखा जाएगा। सावधानी के लिए डबल लेयर बैग का कचरे को एकत्र करने के लिए इस्तेमाल होगा। इससे किसी तरह की लीकेज नहीं होगी। शहरी निकायों की इस जैविक कचरे को नियमानुसार एकत्र करने और ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी होगी। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने सभी सीएमओ को जारी किए हैं। शहरी निकायों को भी इससे अवगत करवाया है।
संक्रमण रोकने के इन आदेशों के अनुसार जिस कूड़ेदान को इस कचरे के लिए इस्तेमाल किया जाए, उसमें कोविड-19 का लेबल लगा होना चाहिए। उसे ठिकाने लगाने से पहले एक अलग से भंडारण कक्ष होगा। ऐसे आइसोलेशन वार्ड से एकत्र किया गया जैविक कूड़ा वार्डों से सीधे कलेक्शन वैन से एकत्र किया जाएगा। कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड से एकत्र किए कचरे का अलग रिकॉर्ड बनाया जाएगा। कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड से ट्रॉली और कलेक्शन बिन इस्तेमाल होगा। कोविड-19 कचरे का लेबल लगा होना चाहिए। कोविड-19 कचरे के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तन कूड़ेदान और ट्रॉली को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट के घोल से संक्रमण रहित किया जाएगा। इस कचरे को ठिकाने लगाने के लिए समर्पित सफाई कर्मचारी को अलग से नियुक्त किया जाएंगे। सामान्य कूड़े के लिए अलग से सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे, जिससे कि यह किसी तरह से मिश्रित न हो जाए।