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Sirmour News: नाहन में सरकार के खिलाफ गरजे हाटी, 15 दिन का दिया अल्टीमेटम; अब सचिवालय घेराव की तैयारी

Tue, 05 Dec 2023 06:10 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 05 Dec 2023 06:10 PM IST
सार

हाटी समुदाय के हजारों लोगों ने नाहन में प्रदेश सरकार के खिलाफ खूब हल्ला बोला। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी के खिलाफ नारे लगे।

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Hati community took out a protest rally in Nahan, raised slogans against the state government
नाहन में हाटियों की रोष रैली। - फोटो : संवाद

विस्तार

चार माह बाद भी एसटी अधिनियम लागू नहीं किए जाने से सिरमौर का हाटी समुदाय भड़क गया है। मंगलवार को हाटी समुदाय के हजारों लोगों ने नाहन में प्रदेश सरकार के खिलाफ खूब हल्ला बोला। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और जनजातीय मंत्री जगत सिंह नेगी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे। साथ ही जयराम ठाकुर जिंदाबाद के नारे भी गूंजे। हाटी युवा विचार मंच के बैनर तले आक्रोश रैली में हाटी समुदाय के लोग सबसे पहले शहर के ऐतिहासिक चौगान मैदान में एकत्रित हुए। यहां वक्ताओं ने प्रदेश सरकार के प्रति अपनी नाराजगी प्रकट की। कहा, दुर्भाग्य की बात है कि क्षेत्र के नेता होते हुए भी हर्षवर्धन चौहान हाटी आंदोलन का साथ नहीं दे रहे हैं।

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वक्ताओं ने यहां तक कहा कि जनजातीय दर्जा लागू होते ही विरोध करने वाले कांग्रेसी सबसे पहले जनजातीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लाइन में लगेंगे। इसके बाद आक्रोश रैली उपायुक्त कार्यालय परिसर पहुंची, जहां धरना-प्रदर्शन किया गया। केंद्रीय हाटी समिति के महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री, कानूनी सलाहकार सुरेंद्र हिंदुस्तानी व रमेश सिंगटा समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष साढ़े पांच दशक पुराना है। शांतिपूर्ण संघर्ष के बाद गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को जनजाति का संवैधानिक अधिकार मिला है, जिसकी गजट अधिसूचना केंद्र सरकार से 4 अगस्त 2023 को जारी हो चुकी है। चार महीने का समय बीत जाने के बाद भी हाटी समुदाय के लोगों को जनजाति के प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया आरंभ नहीं की गई है, जिस कारण समुदाय के युवाओं को जनजाति के आधार पर नौकरियों और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जल्द से जल्द एसटी अधिनियम लागू कर स्थायी प्रमाण पत्र बनाने की मांग की गई।
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केंद्रीय हाटी समिति के पदाधिकारी बोले, अब टूट चुका है सब्र का बांध
 जिला मुख्यालय नाहन में मंगलवार को हुई हाटी समुदाय की आक्रोश रैली में ट्रांसगिरि इलाके के हजारों लोगों ने शिरकत की। कुछेक महिलाएं अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आईं। पढ़े-लिखे युवा सबसे ज्यादा इस रैली में दिखे। ढोल नगाड़ों की थाप पर युवाओं ने अपने हक के लिए आवाज बुलंद की। चौगान मैदान में उपायुक्त कार्यालय पहुंची आक्रोश रैली के बीच कहीं महिलाएं नारेबाजी करते दिखीं तो कहीं युवा और युवतियां। लोगों ने एसटी अधिनियम लागू कर प्रमाणपत्र जारी करने के साथ साथ सरकार के खिलाफ भी हल्ला बोला।
 

केंद्रीय हाटी समिति के कानूनी सलाहकार सुरेंद्र हिंदुस्तानी ने आक्रोश रैली के दौरान सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया। यदि फिर भी सरकार एसटी अधिनियम को लागू नहीं करती तो इसके बाद प्रदेश सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब हाटियों के सब्र का बांध टूट गया है। इस आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। जब तक उनका हक नहीं मिल जाता, जिसके लिए उन्होंने 56 वर्ष लंबा संघर्ष किया, तब तक ये आंदोलन चलता रहेगा। चाहे इसके लिए हाटी समुदाय को किसी भी हद तक क्यों न जाना पड़े।

सुक्खू मामा मानदा नी, हाटी री बात सुनदा नी
आक्रोश रैली के दौरान कुछेक युवाओं ने सुक्खू मामा मानदा नी, हाटी री बात सुनदा नी... का नारा लगाया। इसके साथ ही जय हाटी, जय माटी, हाटी एकता जिंदाबाद, हाटी अपना हक मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते के अलावा सरकार के खिलाफ भी खूब नारे लगे।

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