विधानसभा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव: हर्षवर्धन चौहान बोले- हिमाचल में नहीं लगेंगे नए एथेनॉल उद्योग
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वहां पूरे हिमाचल का वेस्ट जाता है। कुछ उद्योगों ने वहां तरल अपशिष्ट भी डालना शुरू किया। उन्होंने कहा कि वहां पर लिक्विड डिस्पोजल बंद कर दिया गया है।
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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नए एथेनॉल उद्योग नहीं लगेंगे। बिजली और पानी की ज्यादा खपत करने वाले उद्योग नहीं लगाएंगे। गुरुवार को नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाते हुए विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के संचालन और लीज अवधि के विस्तारीकरण से उत्पन्न स्थिति पर सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बात करें तो 2006 में 151 बीघा जमीन इसे दी गई। 2009 में यह प्लांट चालू हो गया। स्थिति यह है कि ट्रीटमेंट प्लांट से इतना प्रदूषण हो गया है कि अब स्थिति भयानक है। लोगों को कई तरह की बीमारियां हो रही हैं। कैंसर और चमड़ी के रोग हो रहे हैं। 50 साल के लिए शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड को दिया गया है। इसके संचालन का 20 साल का समय पूरा होने जा रहा है। इसके बाद 30 वर्ष तक इसकी प्री क्लोजर मेंटेनेंस रहेगी। यहां 4 लाख मीट्रिक टन अपशिष्ट पदार्थ मिला है। उन्होंने कहा कि अब यह प्लांट न चले और इसकी लीज अवधि को न बढ़ाया जाए।
मंत्री अगर साइट पर नहीं गए तो मैं जाऊंगा : पठानिया
इस पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वहां पूरे हिमाचल का वेस्ट जाता है। कुछ उद्योगों ने वहां तरल अपशिष्ट भी डालना शुरू किया। उन्होंने कहा कि वहां पर लिक्विड डिस्पोजल बंद कर दिया गया है। आसपास जो लोग रहते हैं, उन्हें दुर्गंध आ रही है। 600 तरह का वेस्ट आता है। नई साइट का चयन कर वैकल्पिक जगह देखेंगे। मुख्यमंत्री के आदेश पर नए एथेनॉल प्लांट नहीं लगाएंगे। एथेनॉल के प्लांट जहां लगे हैं, वहां दुर्गंध फैलती है। ऐसे यूनिट जो ज्यादा पॉवर कंज्यूमिंग हैं, उन्हें नहीं लगाएंगे। एथेनॉल प्लांट में पांच से 10 लाख लीटर को प्रतिदिन इस्तेमाल करता है। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यहां वायु और जल प्रदूषण को गंभीरता से देखे। उन्होंने कहा कि समझौते के हिसाब से काम नहीं किया तो दंडित किया जाना चाहिए। पठानिया ने कहा कि पानी, वायु, भूमि प्रदूषण की जांच करने अगर पर्यावरण व उद्योग मंत्री नहीं जाएंगे तो वह खुद साइट पर जाएंगे। वह बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं।
जाहू औद्योगिक क्षेत्र के विकास को 16.58 करोड़ की परियोजना रिपोर्ट केंद्र को भेज
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि भोरंज विधानसभा क्षेत्र के जाहू में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विकास को 16.58 करोड़ की परियोजना रिपोर्ट केंद्र को भेजी गई है। औद्योगिक क्षेत्र में आवश्यक मूलभूत अवसंरचना, जैसे सड़कें, नालियां, सुरक्षा दीवारें, ओवरहेड और भूमिगत पानी की टंकियां, ट्यूबवेल, पंप हाउस, जल वितरण प्रणाली, सीवरेज प्रणाली, ओवरहेड गैन्ट्री, रेन शेल्टर, हाई मास्ट, बाढ़ सुरक्षा कार्य, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि विकसित करने है। प्रस्तावित परियोजना में 10.50 करोड़ रुपये की धनराशि भारत सरकार द्वारा और 6.08 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जानी प्रस्तावित है। विधायक सुरेश कुमार की ओर से उठाए सवाल पर उद्योग मंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार से धनराशि स्वीकृत नहीं होती है मुख्यमंत्री से बजट मांगा जाएगा।