विशेष बातचीत: हर्ष महाजन बोले- लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में बनेगी भाजपा की सरकार
सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी चार सीटों पर भाजपा जीत का परचम लहराएगी।
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हिमाचल की राजनीति में कांग्रेस को झटका देकर भाजपा टिकट से अप्रत्याशित तौर पर राज्यसभा पहुंचे सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी चार सीटों पर भाजपा जीत का परचम लहराएगी। उपचुनाव में भी भाजपा के उम्मीदवार भारी मतों से जीतेंगे। कभी पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खासमखास रहे हर्ष महाजन का कहना है कि आज प्रदेश व देश में कांग्रेस की दयनीय हालत है। उनका कहना है कि सुक्खू सरकार कुछ समय की मेहमान है। आने वाले समय में प्रदेश में भाजपा की सरकार होगी। हर्ष महाजन से अमर उजाला के चैतन्य ठाकुर की विशेष बातचीत...
आप इतने आश्वस्त कैसे हैं कि भाजपा प्रदेश में चारों सीटों पर जीतेगी? जबकि कांग्रेस ने एक पूर्व केंद्रीय मंत्री, एक मंत्री, एक विधायक और एक पूर्व विधायक को उतारा है?
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रदेश के बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया। अब कांगड़ा से आनंद शर्मा को उतारा है, वहां से उनका हारना तय है। शिमला से कोई उम्मीदवार नहीं मिला तो विधायक विनोद सुल्तानपुरी को ही उतार दिया। कुछ दिन पहले विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा देने का एलान कर उन्हें प्रताड़ित करने की बात कही। वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के लिए दो गज जमीन तक नहीं दी गई। विक्रमादित्य को सलाह जरूर देना चाहूंगा कि जिनके खुद के घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते।
सुक्खू सरकार भाजपा पर सीधा आरोप लगाती है कि कांग्रेस के छह विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों को धन का लालच देकर क्राॅस वोटिंग करवाई?
आम जनता का ध्यान भटकाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं। 15 महीने उन्होंने प्रदेश की जनता के लिए क्या किया, रिपोर्ट कार्ड रखें। विधायकों को बिकाऊ, कालानाग, भुट्टो को कुट्टो जैसे बयान देकर अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या वजह रही आप ने कांग्रेस पार्टी छोड़ कर भाजपा का दामन थामा, उस समय आप प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष थे?
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बाद प्रदेश कांग्रेस कई गुटों में बंट गई। जनहित के बजाय अपने हितों को ज्यादा तवज्जो देने लगे। आज प्रदेश और देश में कांग्रेस की हालात दयनीय है। पार्टी अपनी अंतिम सांसें गिन रही है। कांग्रेस पार्टी आईसीयू में है। एक ही परिवार का राज है। कांग्रेस के पोस्टर पर भी ये तीनों ही नजर आने लगते हैं। आज समूचे विश्व में मोदी का डंका बज रहा है। भारत का मान-सम्मान विदेश में बढ़ा है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव की बात है।
आने वाले समय में अगर भाजपा में भी कांग्रेस की तरह माहौल बना तो क्या आप किसी अन्य दल का हाथ थामेंगे?
पहले तो मैं यह बता दूं कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। इसमें शामिल होना सौभाग्य की बात है। ऐसे में छोड़ने का सवाल उठता ही नहीं। कांग्रेस की तरह यह किसी एक परिवार से बनी पार्टी नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है। कांग्रेस को दशकों से एक परिवार ही चला रहा है। भाजपा परिवारवाद को नहीं, एक आम कार्यकर्ता को तरजीह देती है। कई राज्यों में एक आम कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री तक बनाया गया है।
कांग्रेस सरकार की गारंटियों को लेकर भाजपा इतनी आक्रामक क्यों है जबकि सरकार बने अभी 15 महीने ही हुए हैं। प्रदेश को आपदा का दंश झेलना पड़ा।
आपदा के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की भरपूर मदद की और बजट जारी किया। तब भी सुक्खू सरकार जनता को गुमराह करती रही। कांग्रेस सरकार की 10 गारंटियों में से एक भी धरातल पर नहीं उतरी। पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया। बेरोजगारों को नौकरियां तो छोड़ो, हमीरपुर चयन बोर्ड ही निरस्त कर दिया। अब चलाया, न चलाया एक बराबर। प्रदेश में बेरोजगारी का आंकड़ा नौ लाख पहुंच गया।