साहब अब आप ही बताओ मैं बच्चे को कहां पढ़ाऊं!
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शिक्षा विभाग के निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने की पहल के बाद अब परेशान अभिभावकों का गुस्सा भी फूटने लगा है। डीएवी स्कूल से निकाले गए बच्चों के अभिभावकों की शिकायतों के अलावा अब शहर के दूसरे स्कूलों के मामले भी सामने आना शुरू हो गए हैं।
विभाग की जारी अपील के बाद डीएवी के अलावा एक और दयानंद स्कूल के अभिभावक भी उपनिदेशक कार्यालय पहुंचे हैं। हालांकि लिखित में शिकायत एक ही आई है लेकिन अपना दर्द बयां करने को दूसरे स्कूलों के छात्रों के अभिभावक भी कार्यालय पहुंचें तो कुछ ने शुक्रवार को कार्यालय के फोन पर शिकायत करने की प्रक्रिया जानी।
अभिभावकों की शिकायतों के सामने आने का यह क्रम आने वाले दिनों में और रफ्तार पकड़ेगा। उपनिदेशक कार्यालय ने निजी स्कूलों में हो रही मनमानी और परिणाम खराब रहने पर जबरन दबाव बनाकर अभिभावकों से स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट को दबाव बनाकर एसएलसी थमाने के ऐसे मामलों की शिकायत सुनने को और समय दिया है।
पापा ऐसा नहीं कर सकते स्कूल वाले
समय सुबह 11:13 बजे। उप निदेशक कार्यालय में पहुंचे लोअर बाजार निवासी संजय ने अपना दुख बयां किया। सर जी नर्सरी से मेरा बच्चा दयानंद में पढ़ रहा था।
छठी कक्षा में दो विषयों में ग्रेड कम आए तो स्कूल वालों ने उनसे अर्जी लिखवाई कि वे घरेलू कारणों से बच्चे को कहीं और पढ़ाना चाहते हैं। शहर से बाहर रहे बच्चे को जब यह बताया तो उसने कहा पापा, ऐसा नहीं कर सकते मेरे स्कूल वाले।
संजय ने स्कूल प्रशासन से दोबारा टेस्ट लेने या फिर उसे उसी क्लास में बिठाने तक की मांग भी की। इसे स्कूल ने मानने से इंकार कर दिया। साहब अब बताओ मैं बच्चे को कहां पढ़ाऊं।