फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Gulal made from carrots, spinach and beetroot will be flown during Holi.

Shimla News: होली में इस बार उड़ेगा गाजर, पालक और चुकंदर से बना गुलाल; ये महिलाएं तैयार कर रही हैं हर्बल रंग

Fri, 27 Feb 2026 11:03 AM IST
शिमला ब्यूरो दीक्षा सरोय, शिमला।
दीक्षा सरोय, शिमला। Published by: शिमला ब्यूरो Updated Fri, 27 Feb 2026 11:03 AM IST
सार

राजधानी शिमला के बनूटी क्षेत्र की डुढालटी पंचायत में महिला मंडल की सदस्य हर्बल रंग बना रही हैं। बाजारों में मिलने वाले मिलावटी और केमिकल युक्त रंगों के बजाय, यह महिलाएं पूरी तरह से घरेलू तथा जैविक चीजों का उपयोग कर रंग बना रही हैं। 

विज्ञापन
Gulal made from carrots, spinach and beetroot will be flown during Holi.
शिमला के डुढालटी पंचायत में प्राकृतिक चीजों से होली के रंग बनातीं महिलाएं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

उत्साह और खुशी का प्रतीक होली का त्योहार करीब है। राजधानी के बनूटी क्षेत्र की डुढालटी पंचायत में महिला मंडल की सदस्य हर्बल रंग बना रही हैं। यह गुलाल गाजर, चुकंदर और पालक का इस्तेमाल कर बनाया जा रहा है। छह महिलाएं इन रंगों को तैयार कर पर्यावरण को बचाने का संदेश भी दे रही हैं। इसके साथ घर के पास रोजगार भी मिल गया है। बाजारों में मिलने वाले मिलावटी और केमिकल युक्त रंगों के बजाय, यह महिलाएं पूरी तरह से घरेलू तथा जैविक चीजों का उपयोग कर रंग बना रही हैं। महिलाएं लाल और गुलाबी रंग के चुकंदर के अर्क, नारंगी रंग की ताजी गाजर और हरे रंग के लिए पालक की पत्तियां इस्तेमाल कर रही हैं।
विज्ञापन


इन रंगों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह पहल सिर्फ त्योहार तक सीमित नहीं है बल्कि इन महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती का जरिया भी बन गया है। अब तक यह महिलाएं लगभग 80 किलो हर्बल रंग तैयार कर चुकी हैं। लोक चेतना मंच की मोबलाइजर निशा शर्मा ने बताया कि यह महिलाएं पूरी मेहनत के साथ यह रंग तैयार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इनके सहयोग के लिए वह हर संभव प्रयास कर रही हैं।
विज्ञापन


ऐसे तैयार होते हैं हर्बल रंग
महिला मंडल की सदस्य सुनीता, भुनेश्वरी, नीलम, शारदा, बिमला और वंदना शर्मा ने बताया कि रंग बनाने के लिए अरारोट में पालक का रस मिलाया जाता है। इसके बाद इसे धूप में सुखाया जाता है। इसके बाद इसे मिक्सर में मिक्स किया जाता है जिससे हरा रंग तैयार होता है। ऐसे ही गाजर और चुकंदर के रस को भी अरारोट में डालकर, सुखाने के बाद पीसा जाता है और इसे पीस कर नारंगी, लाल तथा गुलाबी रंग तैयार किया जाता है। इस तरह एक रंग बनाने में एक से दो दिन का समय लगता है। इन महिलाओं ने बताया कि यह रंग तैयार कर मांग के अनुसार रंग बेचे जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed