गुड़िया मामला: 582 दिन बाद जेल से रिहा हुए आईजी जहूर जैदी
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हिमाचल के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्या मामले से जुड़े सूरज हत्याकांड में गिरफ्तार आईजी जहूर हैदर जैदी 582 दिन बाद शनिवार को कंडा जेल से रिहा हो गए। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई कर उसे मंजूर कर दिया था, जिसके बाद शनिवार को स्थानीय अदालत ने उनकी रिहाई की शर्तें तय कर आदेश जारी कर दिए।
शाम करीब साढ़े पांच बजे कोर्ट से रिहाई आदेश जैसे ही जेल पहुंचे, आधे घंटे में कागजी कार्रवाई पूरी कर जेल प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के समय उनके परिवार के सदस्यों के अलावा कुछ अन्य खास लोग जेल के बाहर मौजूद थे। अब सरकार द्वारा उनके निलंबन पर निर्णय करने तक वह सोमवार से पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करेंगे। बता दें, 6 जुलाई 2017 को दसवीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म हत्या के आरोप में गिरफ्तार सूरज की 18-19 जुलाई की रात पुलिस हिरासत के मौत हो गई थी।
यहां जानिए पूरा मामला
हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच में जुटी सीबीआई ने 29 अगस्त 2017 को आईजी जैदी, ठियोग के तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई थाने के एसएचओ राजिंद्र सिंह समेत आठ पुलिस कर्मी गिरफ्तार कर किया था।
25 नवंबर 2017 को सीबीआई ने अदालत ने इन सभी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इससे पहले जांच एजेंसी ने घटना के समय शिमला के एसपी रहे डीडब्ल्यू नेगी को भी 16 नवंबर 2017 को गिरफ्तार कर लिया।
19 जनवरी 2018 को आईजी जैदी ने चार्जशीट दाखिल होने का हवाला देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जमानत की याचिका दायर की लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद 23 मार्च 2018 को वह सुप्रीम कोर्ट चले गए। जिसके बाद शुक्रवार को उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाया था।