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जमीन खरीद मामले मंत्री स्पष्ट करें और सरकार जांच कराए : बाली
Mon, 10 Aug 2020 05:34 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, कांगड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, कांगड़ा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 10 Aug 2020 05:34 PM IST
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फाइल फोटो
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पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया के कांगड़ा जिले के एक मंत्री पर हजारों कनाल भूमि की खरीद फरोख्त के आरोपों पर पूर्व मंत्री जीएस बाली ने सरकार से मामले की जांच करवाने की मांग की है। कांगड़ा में पत्रकार वार्ता में बाली से मनकोटिया की ओर से लगाए आरोपों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मनकोटिया अपने ही आदमी हैं। वह पहले कांग्रेस में ही थे। उनके उठाए इस मसले पर मंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए था। सरकार को मामले की जांच करवानी चाहिए थी। मामले में वह भी तथ्य जुटा रहे हैं।
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बाली ने कहा कि धर्मशाला उपचुनाव के दौरान सीएम ने वादा किया था कि भाजपा उम्मीदवार के जीतने पर वह जिला कांगड़ा को तोहफा देंगे। सीएम बताएं कि ऐसा कौन सा तोहफा देना चाहते थे। सीएम कह रहे हैं कि कोरोना से सरकार को तीस हजार करोड़ का घाटा हुआ है। यह जीडीपी कम होने की वजह से हुआ है। जब सरकार का राजस्व बारह हजार करोड़ है तो घाटा तीस हजार करोड़ कैसे हो गया?
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सरकार अर्थव्यवस्था को अनलॉक कैसे करेगी, इस पर मंथन के बजाय किराया बढ़ाकर जनता को चोट पहुंचाई जा रही है। ट्रांसपोर्टरों के लिए किराया तो बढ़ा दिया, लेकिन चालकों-परिचालकों के बारे में नहीं सोचा। बेरोजगारी का आंकड़ा बढ़ रहा है। कांग्रेस अपने चुनाव घोषणापत्र में इन मुद्दों को रखेगी। वह दो लाख युवाओं को रोजगार देने के स्टैंड पर कायम हैं। कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगी बार-बार कोरोना से बचने की हिदायत दे रहे हैं, वहीं हिमाचल के सीएम जहां-जहां जा रहे हैं, वहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं।
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कहा कि उन्होंने पिछले बीस साल से नगरोटा में होने वाले बाल मेले को स्थगित करने का फैसला भारी मन से लिया था। यदि सीएम प्रवास पर आना चाह रहे हैं तो उन्हें सचिवालय में बैठना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए जन समस्याओं का निपटारा करना चाहिए। सीएम दौरे में बैंड-बाजों की क्या जरूरत है? जिन बच्चों के पोस्टर फाड़े, उन्हें भी सीएम से मिलवाना चाहिए था। बाली ने सरकार से पूछा कि धर्मशाला राजधानी का क्या हुआ? तीन सालों में सरकार जिले में क्या प्रोजेक्ट लेकर आई।