ठेकेदारों से कंडक्टरों की नियुक्ति बेरोजगार युवाओं के साथ धोखाः जीएस बाली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व परिवहन एवं तकनीकि शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने जयराम सरकार के एचआरटीसी में कंडक्टरों को आउटसोर्सिंग से नियुक्त करने के फैसले का विरोध किया है। धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार की टीएमपीए पॉलिसी सही नहीं है।
आखिर सरकार कंडक्टरों को ठेकेदार के माध्यम से क्यों रखना चाहती है। इसके पीछे मंशा क्या है। अगर टीएमपीए (कंडक्टर) का मानदेय 8 हजार रुपये मासिक हुआ तो ठेकेदार तो कंडक्टर को 5 या 6 हजार रुपये ही देगा। बेरोजगारों की खून पसीने की कमाई कमीशन में चली जाएगी।
सरकार ने बिचौलिए बीच में लाकर युवाओं से धोखा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो हजार प्रशिक्षित टीएमपीए हैं जिन्होंने मुसीबत के समय एचआरटीसी को चलाया। सरकार को इन बेरोजगारों को मौका देना चाहिए था।
बाली ने कहा कि बरसात में हुए नुकसान के बाद प्रभावित परिवारों को राहत मिलने में देरी हो रही है। सरकारी मशीनरी ने बेहद सुस्ती दिखाई है। इसके लिए अगर जरूरत पड़े तो सरकार को विपक्ष की मदद लेनी चाहिए। सरकार को विपक्ष के साथ संयुक्त दल बनाकर केंद्र से मदद मांगनी चाहिए ताकि ज्यादा फंड मिल सके।
हिमाचल कांग्रेस के गॉडफादर हैं वीरभद्र
पूर्व मंत्री बाली ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हिमाचल में कांग्रेस के गॉडफादर हैं। वे एक सवाल का जवाब दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि पूर्व मंत्री चंद्रेश कुमारी वीरभद्र को प्रदेश कांग्रेस का गॉडफादर बताकर उनकी संगठन में अहम भूमिका पर जोर दे चुकी हैं।
इस पर बाली बोले - प्रदेश में कांग्रेस पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा वीरभद्र सिंह हैं। यहां उन्हें पार्टी का गॉडफादर ही माना जा सकता है। बाली ने कहा कि प्रदेश भाजपा सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार के समय नियुक्त किए गए बेरोजगार युवाओं को नौकरी से निकाल रही है।
तकनीकि शिक्षा विभाग में आईएमसी पालिसी के तहत रखे गए बेरोजगार युवा निकाल दिए गए। उनकी जगह भाजपा ने नए युवा नौकरी पर रख लिए। यह नीति बेरोजगार युवाओं से धोखा है।
परिवहन मंत्री बताएं- एचआरटीसी ने क्या कमाया
उन्होंने मन बनाया है कि प्रदेश सरकार जिन बेरोजगार युवाओं को नौकरी से निकाल रही है। अदालत में इन बेरोजगार युवाओं के केस लड़ने के लिए वह एक टीम बनाकर मदद करेंगे। इसमें वह कुछ वकीलों की मदद लेंगे।
बाली ने कहा कि परिवहन मंत्री जनता के सामने बताएं कि पिछले आठ महीने में एचआरटीसी ने कितने खर्चे किए और कितना लाभ कमाया। मंत्री यह भी बताएं कि एचआरटीसी ने आठ महीने में कितने बस रूटों का समय बदला।
प्रदेश में वॉल्वो बसों के रूट निजी हाथों में दे दिए गए। इससे एचआरटीसी को नुकसान हो रहा है। प्राइवेट बसों को लाभ देने के लिए सरकारी बसों के रूट बदले जा रहे हैं। सरकार के परिवहन मंत्रालय को इसका लेखा-जोखा पब्लिक करना चाहिए ताकि लोगों को भी सच पता चल सके।