{"_id":"d1439fd45285f6c09e0433caa4fee27c","slug":"great-himalayan-national-park-is-on-the-threshold-of-the-world-heritage","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वर्ल्ड हेरिटेज की दहलीज पर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्ल्ड हेरिटेज की दहलीज पर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क
Updated Fri, 21 Mar 2014 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क विश्व धरोहर का दर्जा पाने की दहलीज पर खड़ा है।
विज्ञापन
वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा हासिल करने के लिए पिछली बार की कमियों को दूर करते हुए ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के नाम का प्रस्ताव दोबारा यूनेस्को के पास भेजा गया है।
अब जून 2014 में दोहा (कतर) में होने वाले सम्मेलन में इस संबंध में फैसला लिया जाएगा।
विश्व धरोहर में शामिल करने के लिए ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क का दायरा और बढ़ाया गया है। अब पार्क का कंजरवेशन एरिया 1171 वर्ग किलोमीटर होगा।
खामियों के चलते पिछड़ गया था
16 जून 2013 से 24 जून 2013 तक कंबोडिया में हुए यूनेस्को के सम्मेलन में कुछ खामियों के चलते ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क विश्व धरोहर की दौड़ में पिछड़ गया था।
इसके बाद यूनेस्को की टीम ने नेशनल पार्क की कुछ खामियों को दूर करने के लिए कहा था।
पार्क एरिया में 400 किस्म के पौधे
पार्क एरिया में 350 से 400 किस्म के विभिन्न प्रजातियों के पौधे हैं। इनमें 27 किस्म के फरन, 50 से 60 किस्म के व्यवसायिक प्रयोग में आने वाले पौधे हैं।
इसके अलावा दवाओं के प्रयोग में आने वाले 250 प्रजातियों के हर्बल पौधे हैं।
पार्क एरिया में 35 किस्म के कीड़े-मकोड़े, 110 किस्म की तितलियां, 230 प्रजातियों के पक्षी और 35 प्रजातियों के जानवर मौजूद हैं।
इसके बाद यूनेस्को की टीम ने नेशनल पार्क की कुछ खामियों को दूर करने के लिए कहा था।
पार्क एरिया में 400 किस्म के पौधे
पार्क एरिया में 350 से 400 किस्म के विभिन्न प्रजातियों के पौधे हैं। इनमें 27 किस्म के फरन, 50 से 60 किस्म के व्यवसायिक प्रयोग में आने वाले पौधे हैं।
इसके अलावा दवाओं के प्रयोग में आने वाले 250 प्रजातियों के हर्बल पौधे हैं।
पार्क एरिया में 35 किस्म के कीड़े-मकोड़े, 110 किस्म की तितलियां, 230 प्रजातियों के पक्षी और 35 प्रजातियों के जानवर मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूनेस्को टीम की सलाह
2013 में यूनेस्को की टीम ने पार्क एरिया में सैंज और तीर्थन सेंक्चुरी को शामिल करने के लिए कहा था।
अब इस कमी को दूर कर दिया गया है। इसके अलावा सैंज सेंक्चुरी एरिया में आने वाले साकटी, मरोड़ और शवाड़ गांवों को भी सेंक्चुरी एरिया से बाहर किया जाना था।
साकटी गांव में क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र ब्रह्मा देवता का मंदिर भी सेंक्चुरी एरिया में आ रहा था।
इसे भी एरिया से बाहर किया जाना था। इसके अलावा यूनेस्को ने लोगों के हितों के संरक्षण के अलावा कुछ छोटी-छोटी कमियां बताईं थी। इसे दूर कर दिया है।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के वन अरण्यपाल बीएस राणा ने बताया कि पहले पार्क का एरिया 754 वर्ग किलोमीटर था।
अब इसमें 90 वर्ग किलोमीटर के सैंज सेंक्चुरी एरिया, 61 वर्ग किलोमीटर तीर्थन सेंक्चुरी एरिया और 265 वर्ग किलोमीटर का इको जोन एरिया भी शामिल किया गया है। इस तरह नेशनल पार्क का कंजरवेंशन एरिया 1171 वर्ग किलोमीटर हो गया है।
अब इस कमी को दूर कर दिया गया है। इसके अलावा सैंज सेंक्चुरी एरिया में आने वाले साकटी, मरोड़ और शवाड़ गांवों को भी सेंक्चुरी एरिया से बाहर किया जाना था।
साकटी गांव में क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र ब्रह्मा देवता का मंदिर भी सेंक्चुरी एरिया में आ रहा था।
इसे भी एरिया से बाहर किया जाना था। इसके अलावा यूनेस्को ने लोगों के हितों के संरक्षण के अलावा कुछ छोटी-छोटी कमियां बताईं थी। इसे दूर कर दिया है।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के वन अरण्यपाल बीएस राणा ने बताया कि पहले पार्क का एरिया 754 वर्ग किलोमीटर था।
अब इसमें 90 वर्ग किलोमीटर के सैंज सेंक्चुरी एरिया, 61 वर्ग किलोमीटर तीर्थन सेंक्चुरी एरिया और 265 वर्ग किलोमीटर का इको जोन एरिया भी शामिल किया गया है। इस तरह नेशनल पार्क का कंजरवेंशन एरिया 1171 वर्ग किलोमीटर हो गया है।