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ग्रांट रिलीज करने में देरी पर सरकार को देना होगा ब्याज
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 04 May 2015 11:12 AM IST
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केंद्र से ग्रांट मिलने के बाद अब प्रदेश सरकार उसे 15 दिन से ज्यादा समय तक रोक नहीं पाएगी। अगर ऐसा किया तो संबंधित पंचायतों, शहरी व स्थानीय निकायों को उसे ब्याज भी देना होगा। 14वें वित्त आयोग ने नई व्यवस्था में ऐसी सिफारिशें जारी की हैं।
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इससे पहले देश में जितने भी वित्त आयोग थे उनसे पंचायतों को जो ग्रांट मिल रही थी, उसे राज्य सरकारें अपनी मनमर्जी से जारी करती थीं। केंद्र से ग्रांट रिलीज होने के महीनों बाद भी पंचायतों को धन नहीं मिल पा रहा था।
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योजना विभाग के पूर्व सलाहकार एसके शाद के अनुसार पंचायतें बजट के लिए तरसती रहती थीं। अब 14वें वित्त आयोग ने नई व्यवस्था की है जिसमें सख्त रुख अपनाया है। यह व्यवस्था पंचायतों, शहरी और स्थानीय निकायों पर लागू होगी।
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हिमाचल में 3243 पंचायतें और 59 निकाय हैं। प्रधान सचिव वित्त डॉ. श्रीकांत बाल्दी का कहना है कि केंद्रीय मंत्रालय की ओर से गाइडलाइन आई है कि पंचायतों को ग्रांट रिलीज होते ही उन्हें 14 दिन में बजट दे दिया जाए। ऐसा न करने पर ब्याज देना पड़ेगा।