फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   govt will fill petition for poor family encrochment.

छोटे कब्जाधारकों के लिए अब ये काम करने वाली है सरकार

Sat, 29 Aug 2015 09:04 AM IST
Updated Sat, 29 Aug 2015 09:04 AM IST
विज्ञापन
govt will fill petition for poor family encrochment.

छोटे कब्जाधारकों को राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार हाईकोर्ट जाएगी। मुख्यमंत्री ने सदन में संकल्प प्रस्ताव रखा। जब यह प्रस्ताव रखा, उस समय विपक्ष वेल में नारेबाजी कर रहा था। विपक्ष के शोर-शराबे के बीच सत्ता पक्ष ने इसे पारित कर दिया। सरकार हाईकोर्ट जाकर 10 बीघा से कम कब्जे वाले लोगों पर फिलहाल कार्रवाई न करने का अनुरोध करेगी।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर कांग्रेस सरकार सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों में उचित कानूनी कार्रवाई के प्रति वचनबद्ध है, वहीं लघु, सीमांत किसानों, भूमिहीनों, समाज के निर्धन और पिछडे़ वर्ग के प्रति भी संवेदनशील है। इसलिए इस वर्ग की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वह सदन को सूचित करते हैं कि सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है।

विज्ञापन

कोर्ट में रखा जाएगा पक्ष

govt will fill petition for poor family encrochment.

यह हाल ही में उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अवैध कब्जाधारकों के विरुद्ध कार्रवाई से उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत इस वर्ग की समस्याओं की समीक्षा कर उचित समाधान सरकार को बताए। यह कानूनी और मानवीय पहलुओं के अनुकूल हो।

सीएम ने कहा कि चूंकि इस कमेटी के सुझाव और सिफारिशों में कुछ समय लगेगा, इसलिए वह अनुरोध करेंगे कि यह सदन यह प्रस्ताव पारित करे कि उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाए कि फि लहाल कार्रवाई को बडे़ अवैध कब्जाधारकों अर्थात 10 बीघा से अधिक कब्जों तक ही सीमित रखा जाए।

सरकार को उपयुक्त समय दिया जाए कि वे छोटे कब्जाधारकों जिन्होंने मजबूरी में सरकारी भूमि पर कब्जा किया है, उनके बारे सभी से विचार-विमर्श के बाद उपयुक्त नीति बनाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed