छोटे कब्जाधारकों के लिए अब ये काम करने वाली है सरकार
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छोटे कब्जाधारकों को राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार हाईकोर्ट जाएगी। मुख्यमंत्री ने सदन में संकल्प प्रस्ताव रखा। जब यह प्रस्ताव रखा, उस समय विपक्ष वेल में नारेबाजी कर रहा था। विपक्ष के शोर-शराबे के बीच सत्ता पक्ष ने इसे पारित कर दिया। सरकार हाईकोर्ट जाकर 10 बीघा से कम कब्जे वाले लोगों पर फिलहाल कार्रवाई न करने का अनुरोध करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर कांग्रेस सरकार सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों में उचित कानूनी कार्रवाई के प्रति वचनबद्ध है, वहीं लघु, सीमांत किसानों, भूमिहीनों, समाज के निर्धन और पिछडे़ वर्ग के प्रति भी संवेदनशील है। इसलिए इस वर्ग की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वह सदन को सूचित करते हैं कि सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है।
कोर्ट में रखा जाएगा पक्ष
यह हाल ही में उच्च न्यायालय के आदेशानुसार अवैध कब्जाधारकों के विरुद्ध कार्रवाई से उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत इस वर्ग की समस्याओं की समीक्षा कर उचित समाधान सरकार को बताए। यह कानूनी और मानवीय पहलुओं के अनुकूल हो।
सीएम ने कहा कि चूंकि इस कमेटी के सुझाव और सिफारिशों में कुछ समय लगेगा, इसलिए वह अनुरोध करेंगे कि यह सदन यह प्रस्ताव पारित करे कि उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाए कि फि लहाल कार्रवाई को बडे़ अवैध कब्जाधारकों अर्थात 10 बीघा से अधिक कब्जों तक ही सीमित रखा जाए।
सरकार को उपयुक्त समय दिया जाए कि वे छोटे कब्जाधारकों जिन्होंने मजबूरी में सरकारी भूमि पर कब्जा किया है, उनके बारे सभी से विचार-विमर्श के बाद उपयुक्त नीति बनाए।