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अफसर ने सील्ड रोड पर खड़ी कर दी गाड़ी, चालान पर मजिस्ट्रेट से बहस

Thu, 08 Sep 2016 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 08 Sep 2016 12:29 PM IST
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Govt officer argument over challan by traffic magistrate

मालरोड पर वाहनों की आवाजाही के प्रतिबंधित समय में पार्क नीली बत्ती गाड़ी के चालान को लेकर दो आला उच्च अधिकारियों में पब्लिक के बीच खूब बहसबाजी हुई। मामला हिमाचल की राजधानी शिमला का है। कानून सभी के लिए एक बताते हुए नीली बत्ती वाहन का मौके पर ट्रैफिक मजिस्ट्रेट के आदेशों पर चालान काटा गया।

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यही नहीं, रात आठ बजे के बाद ही गाड़ी मालरोड से बाहर ले जाने के आदेश हुए। चालक को साढ़े छह बजे से रात आठ बजे तक गाड़ी को मालरोड पर ही पार्क करना पड़ा। हुआ यूं कि मालरोड पर हिमाचल एंपोरियम के सामने करीब चार और पांच बजे के बीच नीली बत्ती एचपी 03 डी(टी) 0793 इनोवा आकर रुकी।
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साढ़े पांच बजे से आठ बजे तक वाहनों के लिए आवाजाही मालरोड पर बंद रहती है। पांच बजे वहां से गाड़ी को नहीं हटाया गया। करीब साढ़े छह बजे ट्रैफिक मजिस्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने यातायात पुलिस को चालान काटने के आदेश दिए। इस दौरान गाड़ी में बैठने वाले
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मौके पर पहुंच गए और चालान की बात सुनकर बहसबाजी करने लगे। इसी बीच, कानून सबसे के लिए एक बराबर की बात कहते हुए ट्रैफिक मजिस्ट्रेट ने यातायात पुलिस को चालान करने के आदेश दिए। इसके बाद चालान काटकर थमा दिया गया।

अधिकारी ने कहा, कोई सूचना पट्ट तो लगाएं

Govt officer argument over challan by traffic magistrate

वाहन में मौजूद अधिकारी ने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि मालरोड साढ़े पांच से आठ बजे तक बंद रहता है। न ही मालरोड की एंट्री या एग्जिट प्वाइंट पर ऐसे कोई सूचक लगाए गए हैं। प्रशासन को चाहिए कि आम लोगों की जानकारी के लिए ऐसे नोटिस चस्पां किए जाएं। दो आला उच्च अधिकारियों के बीच चालान को लेकर बहसबाजी के बीच जनता एकत्र हो गई।

कुछ लोग कहने लगे कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। एक रेहड़ी वाले को अतिक्रमण या आम आदमी का चालान काटकर तो थमा देते हैं। फिर बत्ती वाली गाड़ियों के चालान क्यों न हो। दूसरी ओर, कानून की सख्ती पर कुछ लोग रुष्ट भी थे। बोल रहे थे कि हर कहीं चालान पर चालान हो रहे हैं।

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