अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों के परिजनों के लिए अच्छी खबर, अधिसूचना जारी
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हिमाचल में अब सेना की तरह अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों के परिजनों को भी सरकारी नौकरी मिलेगी। सूबे के अर्धसैनिकों की मांग पर प्रदेश सरकार ने नियमों में बदलाव कर इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
हिमाचल में अब तक यह व्यवस्था रही है कि अगर भारतीय सेना से कोई जवान शहीद होता है तो उसके आश्रितों में से किसी एक पात्र व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाती है।
सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ, आसाम राइफल्स जैसे अर्द्धसैनिक बलों में तैनात जवानों के शहीद होने पर उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी का प्रावधान नहीं था। अर्द्ध सैनिक बलों के लोग समय-समय पर इसकी मांग उठा रहे थे।
तीन से 20 लाख की आर्थिक मदद
हाल ही में जयराम मंत्रिमंडल ने संबंधित नीति में संशोधन करने को मंजूरी दी। इसके बाद सीधी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन किया गया। इसी सप्ताह इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। कार्मिक विभाग ने अधिसूचना की प्रति सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, निगमों-बोर्डों के प्रबंध निदेशकों और तमाम विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को भेज दिया गया है।
प्रदेश सरकार ने अर्द्धसैनिक बलों के शहीद परिवारों के लिए आर्थिक मदद को पहले ही बढ़ा दिया है। पहले सेना के शहीद परिवार को पांच लाख और अर्द्धसैनिक बल के शहीद परिवार को 3 लाख रुपये मिलते थे। जुलाई 2017 से दोनों ही श्रेणियों के शहीदों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद 20 लाख रुपये कर दी गई है।