मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त प्रधान सचिव बैठाने की तैयारी
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लंबे समय से पुलिस महकमे में चल रही बदलाव की चर्चाओं के बीच बड़ी खबर है। प्रदेश सरकार ने केंद्र को चिट्ठी लिखकर प्रदेश कैडर के आईपीएस संजय कुंडू को वापस मांग लिया है।
पहले चर्चा थी कि उन्हें सूबे के पुलिस मुखिया पद की बागडोर दी जा सकती है, लेकिन प्रदेश सरकार ने केंद्र को लिखी चिट्ठी में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में बतौर अतिरिक्त प्रधान सचिव तैनात करने का हवाला दिया है।
कुंडू को वैसे भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का करीबी माना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात होने पर पुलिस महकमे की बागडोर अपने आप उनके अधीन हो जाएगी।
वीरभद्र सरकार के दौरान एडीजी कानून व्यवस्था रहते हुए संजय कुंडू केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली चले गए थे। वहां वह जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय में संयुक्त सचिव बन गए। इस बीच सूबे में सत्ता बदली और कमान पहली बार मुख्यमंत्री बने जयराम ठाकुर के हाथों में आ गई।
जयराम की पहले से संजय कुंडू से नजदीकी
जयराम की पहले से संजय कुंडू से नजदीकी मानी जाती है, लेकिन उनकी तीस साल की न्यूनतम सेवा न होने की वजह से डीजीपी पद पर नियुक्ति फंस गई। वहीं, दो वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने से खासा विवाद भी हो सकता था।
हालांकि, प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था से परेशान से जयराम सरकार ने नया रास्ता निकाला है। अब कुंडू को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव डॉ श्रीकांत बाल्दी के साथ बतौर अतिरिक्त प्रधान सचिव लगाने की तैयारी है।
सूत्रों का कहना है कि तैयारी के पीछे दलील यह है कि इससे मुख्यमंत्री कार्यालय के कामकाज को भी बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही डीजी बने बिना भी वह प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बेहतर पकड़ रख सकेंगे।
नाम न लिखने की शर्त पर शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस महीने के अंत तक कुंडू प्रदेश वापस आ सकते हैं। उनके आने के बाद प्रदेश के समीकरण में कई बड़े बदलाव होने की संभावना है।